ट्रंप के दूसरे कार्यकाल पर चुनावी चोट, डेमोक्रेट्स का अमेरिकी हाउस पर कब्जा; विवेक रामास्वामी हारे
US Midterm Election Results 2026 में डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल किया। विवेक रामास्वामी ओहायो में एमी एक्टन से हारे। जानें ट्रंप की प्रतिक्रिया और सीनेट के ताजा नतीजे।
वाशिंगटन। अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। चुनावी अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी से बहुमत छीन लिया है। इस बदलाव के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। वहीं, सीनेट पर नियंत्रण की लड़ाई अभी भी कई राज्यों में मुकाबले के बीच बनी हुई है।
सीएनएन और एनबीसी सहित प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने का अनुमान जताया। एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी को 435 सदस्यीय सदन में कम से कम 244 सीटें मिलने का अनुमान है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।
ट्रंप प्रशासन के लिए बढ़ सकती हैं राजनीतिक मुश्किलें
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के फैसलों की संसदीय जांच का रास्ता खुल सकता है। डेमोक्रेटिक सांसद ईरान के साथ युद्ध, बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई और प्रशासन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच की मांग कर सकते हैं।
इसके अलावा, ट्रंप सरकार के नए कानूनों और नीतिगत प्रस्तावों को पारित कराने में भी विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। यदि डेमोक्रेट्स सीनेट में भी बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो राष्ट्रपति के न्यायिक नियुक्तियों और वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ट्रंप बोले- मैं चुनाव में होता तो रिपब्लिकन पार्टी जीतती
चुनाव के शुरुआती नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि यदि उनका नाम भी बैलेट पर होता, तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीत दर्ज करती।
ट्रंप ने लिखा, “मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी बहुमत से जीतते।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनावी अनुमानों में प्रतिनिधि सभा पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण दिखाई दे रहा है।
वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से एएफपी ने बताया कि चुनावी नतीजों के बीच राष्ट्रपति कार्यालय का रुख सख्त बना हुआ है। अधिकारी ने कहा कि ट्रंप तथाकथित ‘रेडिकल लेफ्ट’ के खिलाफ अपना रुख जारी रखेंगे।
ओहायो में विवेक रामास्वामी को एमी एक्टन ने हराया
ओहायो के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने रिपब्लिकन प्रत्याशी विवेक रामास्वामी को हरा दिया। मीडिया अनुमानों के मुताबिक, इस जीत के साथ एक्टन राज्य की अगली गवर्नर बनने जा रही हैं। वह सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कोरोना महामारी के दौरान ओहायो की स्वास्थ्य निदेशक रह चुकी हैं।
रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। चुनाव में एक्टन के खिलाफ 100 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद उन्होंने जीत दर्ज की। इस नतीजे को ओहायो की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
एमी एक्टन पिछले 20 वर्षों में ओहायो में गवर्नर पद जीतने वाली पहली डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनी हैं। इसके साथ ही वह राज्य की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर भी होंगी।
सीनेट की लड़ाई में भी डेमोक्रेट्स को मिली सफलता
अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल करने की लड़ाई भी इन चुनावों का अहम हिस्सा रही। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें थीं। डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत के लिए चार सीटों का शुद्ध लाभ हासिल करना था।
दक्षिण कैरोलिना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराया। यह नतीजा इसलिए भी अहम है, क्योंकि दक्षिण कैरोलिना लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। मीडिया अनुमानों के मुताबिक, राज्य में डेमोक्रेट्स ने 1998 के बाद पहली बार सीनेट चुनाव में जीत दर्ज की।
नॉर्थ कैरोलिना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर सीनेट सीट अपने नाम की। वहीं, जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ दोबारा निर्वाचित हुए।
मिशिगन में अब्दुल अल-सईद और माइक रोजर्स के बीच करीबी मुकाबला
मिशिगन की सीनेट सीट पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद और रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक रोजर्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 4 नवंबर सुबह उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अल-सईद करीब 50 प्रतिशत वोट के साथ मामूली बढ़त बनाए हुए थे, जबकि रोजर्स को लगभग 48.1 प्रतिशत वोट मिले थे।
अब्दुल अल-सईद की उम्मीदवारी स्वास्थ्य सेवाओं और यूनिवर्सल हेल्थकेयर जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही। वहीं, रोजर्स इससे पहले 2024 में भी मिशिगन का सीनेट चुनाव हार चुके हैं। इस सीट का परिणाम सीनेट में बहुमत की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स ने रचा इतिहास
जॉर्जिया के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह अमेरिका के किसी राज्य की गवर्नर चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन गईं।
दूसरी ओर, फ्लोरिडा में रिपब्लिकन उम्मीदवार बायरन डोनाल्ड्स ने गवर्नर पद का चुनाव जीतकर राज्य के पहले अश्वेत गवर्नर बनने का इतिहास रचा। इन नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी नई चर्चा शुरू कर दी है।
क्रिस पप्पास अमेरिकी सीनेट में पहले खुले तौर पर समलैंगिक पुरुष सदस्य होंगे
न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार क्रिस पप्पास ने सीनेट चुनाव जीत लिया। मीडिया अनुमानों के मुताबिक, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सीनेटर जॉन सुनुनू को हराया।
इस जीत के साथ पप्पास अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले ऐसे पुरुष सदस्य होंगे, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से खुद को समलैंगिक बताया है। वह 2018 से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रहे हैं और कांग्रेसनल इक्वैलिटी कॉकस के सह-अध्यक्ष भी हैं।
महंगाई, ईरान युद्ध और टैरिफ बने चुनाव के बड़े मुद्दे
मिडटर्म चुनाव में मतदाताओं के बीच महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें, ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति और ईरान के साथ युद्ध प्रमुख मुद्दे रहे। ईरान के साथ संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी चुनावी चर्चा में दिखाई दिया।
एसोसिएटेड प्रेस के वोटर पोल के मुताबिक, करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने ट्रंप के कामकाज पर असंतोष जताया। लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रपति की शक्तियों पर नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने की भूमिका निभानी चाहिए।
पोल के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया, जबकि लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने लोकतंत्र की स्थिति को प्रमुख चिंता माना। युवा और हिस्पैनिक मतदाताओं के बीच भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के समर्थन में बदलाव के संकेत सामने आए।
आगे क्या होगा?
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बाद ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शेष दो वर्षों में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। हालांकि, सीनेट में अंतिम बहुमत का फैसला शेष मुकाबलों और मतगणना के परिणामों पर निर्भर करेगा। इन चुनावों के नतीजे न केवल अमेरिकी संसद की शक्ति-संरचना बदलेंगे, बल्कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों और आगामी राजनीतिक रणनीति को भी प्रभावित करेंगे।



