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यूपी में पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुख बने प्रशासक, कार्यकाल खत्म होने के बाद योगी सरकार ने दी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाया गया है। पांच साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद योगी सरकार ने यह फैसला लिया। प्रशासक के रूप में ब्लॉक प्रमुख सिर्फ रूटीन कार्य कर सकेंगे, बड़े नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 826 ब्लॉक प्रमुखों को अब प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है, जब ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाया गया है।

इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को भी प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई थी। अब ब्लॉक प्रमुखों को भी इसी व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है।

रविवार को खत्म हुआ पांच साल का कार्यकाल

पंचायती राज विभाग के अनुसार, प्रदेश के ब्लॉक प्रमुखों की पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई थी। इसके साथ ही उनका पांच वर्ष का कार्यकाल रविवार को पूरा हो गया।

कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया।

पहली बार एक साथ मिली जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है, जब जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधानों को एक साथ प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य पंचायत स्तर पर कामकाज को प्रभावित होने से रोकना और नई पंचायत व्यवस्था बनने तक प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है।

प्रशासक बनने के बाद सीमित होंगे अधिकार

हालांकि प्रशासक बनने के बाद ब्लॉक प्रमुख अपने स्तर से कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। उन्हें केवल सामान्य और नियमित कार्यों को ही संचालित करने की अनुमति होगी।

किसी भी महत्वपूर्ण नीति से जुड़े प्रस्ताव को उन्हें जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से शासन को भेजना होगा। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जाएगा।

जल्द जारी होगी अधिकारों को लेकर गाइडलाइन

सरकार ब्लॉक प्रमुखों के अधिकार और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। इसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि प्रशासक के रूप में वे कौन-कौन से कार्य कर सकते हैं और किन मामलों में उन्हें शासन या डीएम की अनुमति लेनी होगी।

इससे प्रशासनिक और कानूनी विवादों से बचने में मदद मिलेगी।

रूटीन काम जारी रखेंगे ब्लॉक प्रमुख

प्रशासक के तौर पर ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायत के सामान्य कार्यों को जारी रख सकेंगे। विकास योजनाओं की निगरानी और नियमित प्रशासनिक काम पहले की तरह चलते रहेंगे।

हालांकि नई योजनाओं की मंजूरी, बड़े वित्तीय निर्णय या नीतिगत बदलाव जैसे मामलों में उन्हें शासन की अनुमति लेनी होगी।

नई पंचायत व्यवस्था तक जारी रहेगी व्यवस्था

प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।

826 ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाए जाने का फैसला उत्तर प्रदेश की पंचायत व्यवस्था में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

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