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यूपी की राजनीति: मायावती ने मानसून सत्र को लेकर दिए 7 सुझाव, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी पर मांगी चर्चा

बसपा प्रमुख मायावती ने संसद के मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की अपील की है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और अयोध्या राम मंदिर मामले पर बहस की मांग की।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संसद का महत्वपूर्ण सत्र हंगामे और बार-बार स्थगन की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए, बल्कि देश की प्रमुख समस्याओं पर सार्थक बहस होनी चाहिए।

मायावती ने महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को संसद में प्राथमिकता देने की मांग की।

‘जनता से जुड़े मुद्दों पर हो गंभीर चर्चा’

बसपा प्रमुख ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सात बिंदुओं वाला संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि देश के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, जिन पर संसद में चर्चा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई, रोजगार की कमी, गरीबी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से प्रभावित है। ऐसे विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय समाधान तलाशने की जरूरत है।

अयोध्या राम मंदिर मामले पर संसद में गूंज की संभावना

मायावती ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चोरी, हेराफेरी और गबन के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मामला जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और सड़क से लेकर अदालत तक पहुंच चुका है।

उन्होंने संकेत दिया कि यह मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी उठ सकता है।

महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के कई हिस्सों में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं पर संसद में गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

अंतरराष्ट्रीय हालात का भी किया जिक्र

मायावती ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक घटनाओं का असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आपसी आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर देशहित में नीतिगत फैसलों और समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।

संसद को मजबूत लोकतांत्रिक मंच बनाने की अपील

मायावती ने कहा कि संसद का मानसून सत्र स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से चलना चाहिए।

उन्होंने सत्ता पक्ष, विपक्ष और सभी संवैधानिक संस्थाओं से देश के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हालात को देखते हुए जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जनहित और सुशासन के लिए संसद की प्रभावी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

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