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भारत मंडपम में जुटे ग्लोबल लीडर्स, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दिल्ली पहुंचे

BRICS Summit 2026 के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दिल्ली पहुंचे। पीएम मोदी से शाम 5:45 बजे द्विपक्षीय बैठक होगी, कई वैश्विक नेता भी भारत में हैं।

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए। उनका विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा। शी चिनफिंग की भारत यात्रा को सम्मेलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग के बीच शनिवार शाम अहम द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताओं में शामिल है।

 

भारत मंडपम में जुटेंगे दुनिया के प्रमुख नेता

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और मिस्र के राष्ट्रपति समेत कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं।

भारत की अध्यक्षता में इस बार ब्रिक्स सम्मेलन की थीम ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी’ रखी गई है। सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, आर्थिक सहयोग, वित्तीय व्यवस्था और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

पीएम मोदी की कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक

ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी निर्धारित हैं। पीएम मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद के साथ बैठक की।

भारत और इथियोपिया के बीच रक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण तथा भारतीय रक्षा उपकरणों की खरीद जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वहीं इथियोपिया ने भारतीय खनन कंपनियों के लिए अवसरों का स्वागत किया।

मलेशिया के साथ बातचीत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र समेत आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

शी चिनफिंग के साथ शाम 5:45 बजे होगी बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच शनिवार शाम 5:45 बजे द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और अन्य रणनीतिक विषयों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

शी चिनफिंग के भारत पहुंचने से पहले चीन की चाइना सदर्न एयरलाइंस ने भी ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा 21 सितंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।

ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। शनिवार को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।

भारत के लिए ईरान के साथ संबंधों के लिहाज से यह मुलाकात महत्वपूर्ण है। ब्रिक्स मंच पर आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा का महत्व बढ़ गया है।

वित्तीय सहयोग और स्थानीय मुद्राओं पर जोर

ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों ने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज और हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। मुंबई और जयपुर में हुई बैठकों के बाद जारी संयुक्त बयान में समूह ने भू-राजनीतिक तनाव के बीच आपसी आर्थिक सहयोग मजबूत करने तथा स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई।

यह मुद्दा ब्रिक्स के आर्थिक एजेंडे में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि समूह के सदस्य वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं।

भारत मंडपम में कड़ी सुरक्षा

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सम्मेलन स्थल को मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरे में रखा गया है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और एनएसजी कमांडो की तैनाती की गई है।

विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और अन्य गणमान्य अतिथियों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डॉग स्क्वायड समेत अन्य सुरक्षा संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आज का कार्यक्रम

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन भारत मंडपम में दोपहर 2 बजे सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत होनी है। इसके बाद 2:30 बजे समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर पहला सत्र होगा।

शाम 4:30 बजे ब्रिक्स नेता ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। इसके बाद 5 बजे नेताओं की फैमिली फोटो और 5:30 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम प्रस्तावित है।

रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए राजकीय रात्रिभोज आयोजित किया जाएगा।

पुतिन का यूरोप को लेकर बयान

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने या उनसे टकराव का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध और सोवियत संघ के विघटन के बाद बनी व्यवस्था को रूस स्वीकार कर चुका है।

उज्बेकिस्तान और वियतनाम के प्रतिनिधि भी पहुंचे

ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए उज्बेकिस्तान के उपप्रधानमंत्री जमशेद कुचकारोव भी नई दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के भी सम्मेलन में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस भी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे हैं।

BRICS Summit 2026 क्यों है अहम?

भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक चुनौतियां, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलाव और आपूर्ति शृंखला से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, तकनीकी सहयोग और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दे सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे में रह सकते हैं।

भारत के लिए सम्मेलन की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि नई दिल्ली एक साथ आर्थिक सहयोग, वैश्विक दक्षिण की आवाज और रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। चीन और रूस जैसे प्रमुख देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी इस सम्मेलन को और महत्वपूर्ण बनाती है।

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