भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा, मोदी-पुतिन की मुलाकात में शांति से लेकर कारोबार तक चर्चा
भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा! पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात में शांति, तेल, रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। मोदी ने पुतिन को ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया।
नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात में भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया।
दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के संघर्ष, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर कहा कि विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही रास्ता है और भारत शांति प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।
पुतिन ने BRICS बिजनेस फोरम में कहा कि रूस किसी के खिलाफ नहीं है और वह पुराने तथा नए सभी साझेदारों के साथ काम करने के लिए तैयार है।
भारत और रूस के बीच तेल, रक्षा, ऊर्जा और व्यापार को लेकर सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश Su-57 लड़ाकू विमान की संभावित आपूर्ति और BrahMos मिसाइल प्रणाली के उन्नयन जैसे रक्षा सहयोग पर भी चर्चा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस जाने पर सहमति जताई है।
हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों के सामने व्यापार घाटा, कनेक्टिविटी, पश्चिमी प्रतिबंध और रूस-चीन बढ़ती नजदीकी जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत-रूस संबंधों को दीर्घकालिक रणनीति और नए क्षेत्रों में निवेश के जरिए और मजबूत करना होगा।



