लखनऊ में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सरगना गिरफ्तार, 300 से ज्यादा चोरियों का आरोप; चारबाग से पांच दबोचे गए

लखनऊ में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सरगना संदीप तिजोरे गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के मुताबिक वह 300 से ज्यादा चोरियों में सक्रिय था।
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन और आसपास यात्रियों की जेब काटने वाले एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरे गिरोह का सरगना है और वह वर्ष 2009 से चोरी की घटनाओं में सक्रिय है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि संदीप तिजोरे अब तक 300 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। वह अलग-अलग जिलों में नए युवकों को गिरोह में शामिल करता था और उन्हें भीड़भाड़ वाले स्थानों तथा ट्रेनों में चोरी करने का तरीका सिखाता था।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इसके बाद प्रशिक्षित सदस्यों को अलग-अलग रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया जाता था। पुलिस अब संदीप के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और अलग-अलग जिलों में उसके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
चारबाग के पास से पांच आरोपी गिरफ्तार
बुधवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरे, सोनभद्र निवासी अरविंद गुप्ता, नासिक निवासी कुनाल विलास सिरसाठ, मुंबई निवासी जावेद अख्तर और गोंडा निवासी सोनू शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 1.24 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है। पुलिस ने संदीप को गिरोह का सरगना बताया है, जबकि मुंबई निवासी जावेद अख्तर को उसका प्रमुख सहयोगी बताया गया है।
ट्रेन में भीड़ का फायदा उठाकर करते थे चोरी
पूछताछ में पुलिस के सामने गिरोह के चोरी करने का तरीका भी आया है। पुलिस के मुताबिक, ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही गिरोह के सदस्य भीड़ में घुस जाते थे। इसके बाद जनरल डिब्बे में यात्रियों के बीच बैठकर पहले ऐसे यात्री की तलाश करते थे, जिसे आसानी से निशाना बनाया जा सके।
ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान होने वाली धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर आरोपित जेब से रुपये और कीमती सामान निकाल लेते थे। इस दौरान यात्री का ध्यान भटकाना उनके लिए सबसे अहम तरीका था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं थे। वे ऑटो और ई-रिक्शा में यात्री बनकर भी सवार होते थे और मौका मिलते ही यात्रियों की जेब काट लेते थे।
एक सप्ताह में बदल देते थे अपना ठिकाना
पुलिस के अनुसार, गिरोह किसी रेलवे स्टेशन या उसके आसपास के इलाके में करीब एक सप्ताह तक सक्रिय रहता था। इसके बाद वे अपना ठिकाना बदल देते थे, जिससे स्थानीय पुलिस के लिए उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
बताया गया है कि संदीप नए युवकों को चोरी का तरीका सिखाने के बाद उन्हें दूसरे स्थानों पर सक्रिय करता था। इस तरह अलग-अलग शहरों और रेलवे स्टेशनों पर उसका नेटवर्क तैयार होता गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के किसी सदस्य के पकड़े जाने और जेल भेजे जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया के जरिए बाहर आने का प्रयास किया जाता था। इसके बाद वह फिर से चोरी की घटनाओं में सक्रिय हो जाता था।
महाराष्ट्र के कई रेलवे थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप तिजोरे के खिलाफ वर्ष 2009 से मुंबई और महाराष्ट्र के कई रेलवे थाना क्षेत्रों में चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कुर्ला, मानखुर्द, वडाला, नासिक रोड और ठाणे जैसे रेलवे थाना क्षेत्र शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि जावेद अख्तर के खिलाफ भी मुंबई रेलवे से संबंधित वर्ष 2025 का मामला सामने आया है। अब पुलिस आरोपितों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
जौनपुर के युवकों से जुड़े गिरोह के तार
अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव के मुताबिक, पूछताछ और जांच में गिरोह के तार जौनपुर के कुछ युवकों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
पुलिस जौनपुर के अलावा दूसरे जिलों में भी संदीप द्वारा तैयार किए गए नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए जीआरपी की मदद ली जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी की घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके।
जीआरपी को दी गई जानकारी
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि सूचना के आधार पर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा गया है। आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को जानकारी दी गई है। पुलिस की टीम भी गिरोह के नेटवर्क की जांच में लगी है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों, पुराने मामलों और अलग-अलग शहरों में सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
यात्रियों के लिए बढ़ी चुनौती
चारबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करने वाले गिरोह यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बनते हैं।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरफ्तार आरोपितों ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में कितनी घटनाओं को अंजाम दिया। साथ ही दूसरे राज्यों में उनके नेटवर्क और पुराने मामलों को भी खंगाला जा रहा है।




