यूपी कोऑपरेटिव बैंक बना देश का पहला सहकारी बैंक, अब शाखाओं में बनेंगे और अपडेट होंगे आधार कार्ड
उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड देश का पहला सहकारी बैंक बन गया है, जिसे आधार नामांकन और अपडेट सेवाएं प्रदान करने की अनुमति मिली है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
लखनऊ। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र ने डिजिटल सेवाओं की दिशा में एक नई उपलब्धि हासिल की है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड को आधार नामांकन, संशोधन और अपडेट सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत कर दिया है। इसके साथ ही यूपी कोऑपरेटिव बैंक देश का पहला सहकारी बैंक बन गया है, जिसे आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने की एजेंसी के रूप में मान्यता मिली है।
बुधवार को ब्रजेश पाठक ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में यूपी कोऑपरेटिव बैंक में आधार सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया।
बैंक शाखाओं में मिलेगी आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा
योजना के पहले चरण में उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की विभिन्न शाखाओं में आधार नामांकन, आधार में संशोधन और अपडेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए इसे प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) तक पहुंचाया जाएगा।
इस कदम से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए शहरों या दूरस्थ केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने नजदीकी सहकारी बैंक में ही यह सुविधा मिल सकेगी।
प्रदेश में प्रतिदिन 90 हजार आधार अपडेट
यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आधार नामांकन और अपडेट के लिए वर्तमान में लगभग 15 हजार मशीनें कार्यरत हैं।
इन मशीनों की मदद से प्रतिदिन करीब 90 हजार लोगों के आधार नामांकन और अपडेट का कार्य किया जा रहा है। यूपी कोऑपरेटिव बैंक के इस नेटवर्क के जुड़ने से आधार सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।
ग्रामीण आबादी को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
अधिकारियों के अनुसार सहकारी बैंक की शाखाओं में आधार सेवाएं शुरू होने से किसानों, ग्रामीण परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। सहकारी बैंक का नेटवर्क गांवों तक फैला हुआ है, जिससे लोगों को समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
बच्चों के बायोमीट्रिक अपडेट पर जोर
यूआईडीएआई अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि जिन बच्चों की आयु पांच वर्ष और 15 वर्ष पूरी हो चुकी है और उनका अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट अभी तक नहीं कराया गया है, वे इसे जल्द से जल्द पूरा करा लें।
नियमों के अनुसार पांच और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बच्चों के आधार में बायोमीट्रिक जानकारी अपडेट कराना अनिवार्य होता है।
कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी बैंकों को आधार सेवाओं से जोड़ने का यह निर्णय ग्रामीण भारत में डिजिटल समावेशन को गति देगा और सरकारी योजनाओं तथा वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच को और आसान बनाएगा।


