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राशन कोटेदार कमीशन बढ़ा: 90 से 125 रुपये प्रति कुंतल, योगी बोले- 25 रुपये और बढ़ाएंगे

राशन कोटेदार कमीशन यूपी में 90 से बढ़कर 125 रुपये प्रति कुंतल हुआ। सीएम योगी ने 78 हजार से अधिक कोटेदारों को राहत दी और 25 रुपये और बढ़ाने का संकेत दिया।

लखनऊ। राशन कोटेदार कमीशन बढ़ाने का योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं यानी राशन कोटेदारों को अब 90 रुपये के बजाय 125 रुपये प्रति कुंतल कमीशन मिलेगा। यानी प्रत्येक कुंतल पर 35 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन कोटेदारों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में राशन कोटेदारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी भूमिका और समस्याओं को गंभीरता से समझती है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कोटेदारों को शक की निगाह से देखा जाता था और ‘कोटेदार’ शब्द सुनते ही लोगों में चिढ़ पैदा होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोटेदारों की गलती नहीं थी, बल्कि दूसरे लोगों के भ्रष्ट आचरण का असर भी उन्हें भुगतना पड़ता था।

35 रुपये प्रति कुंतल बढ़ा कमीशन

उत्तर प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं को अभी तक 90 रुपये प्रति कुंतल लाभांश मिलता था। इसे बढ़ाकर 125 रुपये किया गया है। इस तरह कोटेदारों को प्रति कुंतल 35 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सरकार ने इसके साथ वार्षिक लाभांश के लिए बजट में भी बढ़ोतरी की है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राशन वितरण व्यवस्था में कोटेदारों की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। सरकार का जोर एक तरफ कोटेदारों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने पर है तो दूसरी तरफ राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी है।

ई-पॉस मशीन से सीधे सरकार तक पहुंचेगा फीडबैक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-पॉस (e-POS) आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली की भी शुरुआत की। इसके तहत राशन कोटेदार खाद्यान्न की आपूर्ति, डोर-स्टेप डिलीवरी और वितरण व्यवस्था से जुड़ी अपनी समस्याएं और सुझाव डिजिटल माध्यम से सीधे दर्ज करा सकेंगे।

नई व्यवस्था को सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सरकारी गोदामों से राशन को सीधे उचित दर दुकानों तक पहुंचाने और आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर है। ई-पॉस के माध्यम से मिलने वाले फीडबैक से सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी तेजी से मिलने की उम्मीद है।

पाप कोई और करता था, भुगतभोगी आप बनते थे’

कोटेदारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कोटेदारों की छवि को लेकर लोगों के मन में संदेह रहता था। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट आचरण की आंच से ईमानदारी से काम करने वाले कोटेदार भी प्रभावित होते थे।

सीएम ने कहा कि सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। डिजिटल व्यवस्था के जरिए अब कोटेदार अपनी बात सीधे शासन तक पहुंचा सकेंगे।

अब यूपी की पहचान बदल गई है’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की बदलती छवि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले यूपी के नौजवान, व्यापारी, बेटियां या कोई भी नागरिक प्रदेश से बाहर जाता था तो लोगों की नजर में प्रदेश को लेकर संदेह रहता था और सम्मान नहीं मिलता था।

योगी ने कहा कि अब परिस्थितियां बदली हैं। उनके मुताबिक आज उत्तर प्रदेश के लोगों को देश-दुनिया में पहले की तुलना में अधिक सम्मान मिल रहा है।

योगी का संकेत—कमीशन में और बढ़ोतरी की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कोटेदारों को संबोधित करते हुए कमीशन में आगे भी बढ़ोतरी का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 25 रुपये और बढ़ाए जाएंगे। इससे आने वाले समय में कोटेदारों के लिए प्रति कुंतल कमीशन और बढ़ने की उम्मीद है।

इस ऐलान ने राशन वितरण से जुड़े हजारों उचित दर विक्रेताओं के बीच उम्मीद बढ़ाई है। हालांकि, अतिरिक्त 25 रुपये की बढ़ोतरी कब और किस व्यवस्था के तहत लागू होगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होगी।

सरकार के फैसले के दो बड़े लक्ष्य

योगी सरकार के इस कदम को दो स्तरों पर देखा जा रहा है। पहला, राशन कोटेदारों को आर्थिक राहत देना और दूसरा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता बढ़ाना।

एक ओर कमीशन बढ़ाकर कोटेदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर ई-पॉस आधारित फीडबैक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति और वितरण की निगरानी को डिजिटल बनाया जा रहा है। इससे जमीनी स्तर की शिकायतों और समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का सीधा माध्यम तैयार होगा।

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