भारत में निपाह वायरस के दो मामले, WHO बोला– ट्रैवल या ट्रेड पर रोक की जरूरत नहीं
“भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद WHO ने कहा है कि वायरस फैलने का खतरा कम है और यात्रा या व्यापार पर किसी तरह की रोक लगाने की जरूरत नहीं है।”
नई दिल्ली। भारत में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने राहत भरा बयान दिया है। WHO ने स्पष्ट किया है कि भारत में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि के बावजूद घबराने की कोई जरूरत नहीं है और देश में इसके व्यापक प्रसार का जोखिम कम है।
डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को जारी बयान में कहा कि मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल अंतरराष्ट्रीय यात्रा या व्यापार (Travel & Trade) पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने की आवश्यकता नहीं है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली के अनुसार, भारत में सामने आए निपाह वायरस के दोनों मामलों को स्थानीय स्तर पर नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी कर रही हैं, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
WHO ने यह भी कहा कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पहले से अधिक सतर्क है और पूर्व के अनुभवों को देखते हुए वायरस से निपटने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है। संगठन ने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
गौरतलब है कि निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और समय-समय पर इसके मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि, WHO का मानना है कि मौजूदा मामलों से वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा खतरा नहीं है।




