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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं थमा NEET विवाद, विपक्ष ने पीएम मोदी से माफी की मांग तेज की

NEET पेपर लीक विवाद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष का हमला जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने पीएम मोदी से माफी, पुलिस कार्रवाई पर जवाब और पेपर लीक कानून में बदलाव की मांग की है।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान जारी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

विपक्ष की रणनीति अब संसद में सरकार को घेरने की है। सोमवार को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।

पीएम मोदी से माफी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष का परिणाम है, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन जैसी कार्रवाई की गई। खरगे ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा पत्र

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत से करे।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

पेपर लीक विरोधी बिल पर संसद में होगी बहस

NEET विवाद के बीच केंद्र सरकार ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ संसद में पेश करने की तैयारी में है।

इस बिल के जरिए परीक्षा में पेपर लीक और नकल जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।

प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक या अनुचित साधनों में शामिल लोगों को 5 से 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं संगठित परीक्षा अपराधों में कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव है।

विपक्ष तय करेगा बिल पर रुख

विपक्षी दल इस बिल को लेकर अपना रुख तय करेंगे। INDIA गठबंधन की बैठक में यह फैसला लिया जाएगा कि सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया जाए या इसमें संशोधन की मांग उठाई जाए।

विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला शिक्षा मंत्रालय

NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

वहीं छात्र संगठन और विपक्ष इसे अपनी मांगों की जीत बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

NEET विवाद अब संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

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