गोरखपुर में नेहा बोरा की कथित टिप्पणी पर विवाद, तीन तहरीर; FIR की मांग
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, कैंट और पीपीगंज थानों में शिकायत; पुलिस वीडियो और शिकायतों के आधार पर कर रही जांच
गोरखपुर में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। कैंट और पीपीगंज थानों में तीन तहरीर दी गई हैं और FIR की मांग की गई है।
गोरखपुर में आयोजित Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। मामले में मंगलवार को कैंट थाने में दो अलग-अलग शिकायतें और पीपीगंज थाने में एक तहरीर दी गई।
शिकायतकर्ताओं ने नेहा बोरा के साथ कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
कैंट थाने में दो शिकायतें
ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी कार्यकर्ताओं के साथ कैंट थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर नेहा बोरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने गोरखपुर की ऐतिहासिक भूमि को लेकर भी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
विश्व हिंदू महासंघ ने भी दी शिकायत
इसी मामले में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष जनार्दन मिश्रा जे.डी. के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भी कैंट थाने में शिकायत दी। संगठन ने कथित भाषण को आपत्तिजनक और भड़काऊ बताते हुए कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।
विश्व हिंदू महासंघ की शिकायत में नेहा बोरा के साथ कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
पीपीगंज थाने में भी पहुंचा मामला
भाजपा युवा मोर्चा के पीपीगंज मंडल अध्यक्ष आदर्श सिंह ने भी मंगलवार को पीपीगंज थाने में तहरीर दी। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो का हवाला देते हुए नेहा बोरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
इस तरह एक ही मामले को लेकर गोरखपुर के दो थानों में कुल तीन शिकायतें सामने आई हैं।
पुलिस कर रही वीडियो और शिकायतों की जांच
शिकायतें मिलने के बाद पुलिस मामले में उपलब्ध वीडियो, कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में शिकायत और FIR की मांग की जानकारी है। FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए कानूनी कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
Gen-Z महाजुटान में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी उठे
नेहा बोरा ने गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया था। PTI की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने उत्तर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों पर बेरोजगारी, भर्ती में देरी और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए।
इससे पहले सामने आए वीडियो में नेहा बोरा ने कार्यक्रम को राजनीतिक मुद्दों से जोड़ते हुए प्रशासन की ओर से राजनीतिक बात नहीं करने के कथित निर्देश का भी जिक्र किया था।
बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
कथित टिप्पणी को लेकर गोरखपुर में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का मामला बताते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पूरे मामले में नेहा बोरा की कथित टिप्पणी और वायरल वीडियो की प्रामाणिकता तथा संदर्भ की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।



