नशे के खिलाफ सरकार का बड़ा संदेश: युवाओं को बचाना होगा, तभी बनेगा विकसित भारत – नितिन अग्रवाल
लखनऊ में 'मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय दिवस' पर राज्य स्तरीय मद्य निषेध कार्यक्रम आयोजित, नशा मुक्ति प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित
लखनऊ में मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय मद्य निषेध कार्यक्रम में आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है और नशा समाज के लिए अभिशाप बन चुका है।
लखनऊ। ‘मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार, सहकारिता भवन में राज्य स्तरीय मद्य निषेध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश मद्य निषेध विभाग द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) और नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (NAPDDR) के तहत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुराग यादव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मद्य निषेध प्रदर्शनी के उद्घाटन और अवलोकन से हुई। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया और आमजन को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगे: नितिन अग्रवाल
अपने संबोधन में मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया नशा मुक्त भारत अभियान युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है और यदि युवा नशे की गिरफ्त में आएंगे तो इसका सीधा असर देश के विकास पर पड़ेगा। इसलिए समाज, परिवार, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों को मिलकर नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा।
“नशा पूरी दुनिया के लिए चुनौती”
मंत्री ने कहा कि नशे की लत आज केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है और इससे परिवार, समाज और देश तीनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने प्रदेश के युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए सभी से इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है और प्रदेश की विकास दर 11.5 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी और उनकी सकारात्मक ऊर्जा राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
केवल सरकारी प्रयासों से नहीं मिलेगी सफलता
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब युवा नशे से दूर रहेंगे।
मानसिक रोग विशेषज्ञ ने बताए नशे के दुष्प्रभाव
कार्यक्रम में बलरामपुर चिकित्सालय के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.के. श्रीवास्तव ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मनोसामाजिक कारणों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थ न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और सामाजिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
प्रतियोगिता विजेताओं को किया गया सम्मानित
मद्य निषेध विभाग द्वारा 19 जून को आयोजित नशा मुक्ति प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान राज्य मद्य निषेध अधिकारी आर.एल. राजवंशी ने विभाग की उपलब्धियों और चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी रमेश कुमार, जिला मद्य निषेध अधिकारी नीतू वर्मा सहित विभाग के कई अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




