कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मौतों का आंकड़ा 14 पहुंचा, अस्पताल में 16 साल की उर्वशी ने तोड़ा दम
कौशांबी की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या 14 हो गई है। बुधवार को 16 वर्षीय उर्वशी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीन घायलों का इलाज जारी है।
प्रयागराज। प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर मनौरी के पास चिल्ला शहबाजी गांव में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल 16 वर्षीय उर्वशी ने बुधवार सुबह स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
उर्वशी की मौत के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 14 हो गई है। वहीं, तीन घायल अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें गांव में मलबा हटाकर संभावित लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
तीन दिन में 14 लोगों की मौत
सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद पहले दिन 11 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद मंगलवार को दो और घायलों ने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह उर्वशी की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या 14 तक पहुंच गई।
हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस-प्रशासन की टीमें घटनास्थल से मलबा हटाने का काम कर रही हैं। कुछ परिवार मलबे के बीच अपने परिजनों से जुड़े सामान और अन्य कीमती वस्तुओं की तलाश भी कर रहे हैं।
दो साल पहले रद हो चुका था फैक्ट्री का लाइसेंस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसका लाइसेंस करीब दो साल पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां पटाखा निर्माण का काम जारी रहने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद लापरवाही के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक नौशाद को सोमवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है।
मलबे में अभी भी तलाश जारी
विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबा हटाकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कोई व्यक्ति दबा तो नहीं है।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। हादसे के कारणों और अवैध रूप से फैक्ट्री संचालन में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



