सपा सांसद अफजाल अंसारी पर FIR दर्ज, 145 हथियारों की जांच में रिकॉर्ड गायब होने का आरोप
गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस जांच मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस 145 हथियारों के सत्यापन में जुटी है और रिकॉर्ड गायब होने के मामले की जांच कर रही है।
गाजीपुर। गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान पुलिस ने सांसद अफजाल अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमशंकर वर्मा के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई शस्त्र लाइसेंसों में कथित अनियमितता, दस्तावेजों के गायब होने और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। मामले में आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
145 हथियारों के सत्यापन से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी के निर्देश पर शुरू हुई बड़ी जांच से जुड़ा है। पुलिस की विशेष टीम आईएस-191 गैंग के सदस्यों और उनके सहयोगियों को जारी किए गए 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच कर रही है।
इन लाइसेंसों से जुड़े कुल 145 हथियारों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1241/पी-11 से संबंधित मूल पत्रावली और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े कुछ सरकारी दस्तावेज नहीं मिले।
राइफल और रिवॉल्वर के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि दस्तावेजों में दर्ज विवरण के अनुसार कई वर्ष पहले अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले से एक एनपीबी राइफल और 32 बोर रिवॉल्वर की खरीद-बिक्री दिखाई गई थी।
हालांकि जांच के दौरान इन हथियारों का भौतिक सत्यापन नहीं हो सका। साथ ही कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में भी संबंधित फाइलें नहीं मिलीं।
तत्कालीन शस्त्र लिपिक पर भी कार्रवाई
एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों की भूमिका संदिग्ध रही है। आरोप है कि मूल अभिलेखों को गायब कर खरीद-बिक्री से जुड़ी अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया गया।
इसी आधार पर सांसद अफजाल अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमशंकर वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
चार FIR दर्ज, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा गाजीपुर शहर कोतवाली में भी एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अन्य शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों की जांच अभी जारी है। जांच में नए तथ्य सामने आने पर आगे और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस दस्तावेजों, शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों के रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



