संविधान हत्या दिवस: योगी बोले– अखिलेश मुलायम सिंह की विरासत डुबा रहे हैं
संविधान हत्या दिवस 2026 पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे परिवारवाद और लोकतंत्र कमजोर करने की राजनीति बताया। पढ़ें पूरा बयान।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में “संविधान हत्या दिवस” के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया और लोकतंत्र के संरक्षण पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय था, जिसमें नागरिक अधिकारों और संविधान की मूल भावना को कमजोर किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में याद करती है ताकि आने वाली पीढ़ी लोकतंत्र के महत्व को समझ सके।
अखिलेश यादव पर सीधा हमला
सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कांग्रेस के साथ गठबंधन में हैं, जबकि यह वही कांग्रेस है जिसका मुलायम सिंह यादव विरोध करते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस मिलकर “परिवारवाद की राजनीति” कर रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने दावा किया कि इन दलों में कार्यकर्ताओं की बजाय परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।
इसके विपरीत उन्होंने भाजपा को कार्यकर्ता आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि यहां एक साधारण कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंच सकता है।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला
कार्यक्रम में सीएम योगी ने एक बार फिर 1975 के आपातकाल को लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था।




