सहारनपुर में CM योगी का बड़ा संदेश: हिंदू आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला
सहारनपुर दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के दूसरे चरण की शुरुआत की और 613 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने हिंदू आस्था, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए विकास, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। इस अवसर पर उन्होंने 613 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा जिले के लिए एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज विस्तार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
‘स्कूल बैग नहीं, विकसित भारत के सपनों की उड़ान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के हाथों में दिया गया स्कूल बैग केवल किताबें रखने का साधन नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यही बच्चे भविष्य में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।
उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित और सशक्त भारत की नींव तैयार करती है।
613 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, वे आने वाले वर्षों में सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास की आधारशिला साबित होंगी। उन्होंने कहा कि विरासत और विकास के बीच संतुलन बनाकर ही विकसित भारत का निर्माण संभव है।
उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया था, जिससे सहारनपुर और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है।
सहारनपुर को जल्द मिलेगा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी के बाद अब सहारनपुर को हवाई कनेक्टिविटी भी मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरसावा एयरपोर्ट परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को उड़ान भरने के लिए दिल्ली या देहरादून नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है और दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी जा रही है। साथ ही शहर की सीवेज और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाओं की भी शुरुआत की जा रही है।
वुड कार्विंग उद्योग को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर की पारंपरिक वुड कार्विंग कला को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने दावा किया कि जिले से अब 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात हो रहा है।
उनके अनुसार, निर्यात बढ़ने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर मिले हैं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि एक समय सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अन्य शहर दंगों के लिए चर्चा में रहते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार किया।
उन्होंने कहा कि अब सहारनपुर दंगों के लिए नहीं, बल्कि विकास परियोजनाओं और धार्मिक पर्यटन के लिए पहचाना जा रहा है।
हिंदू आस्था के मुद्दे पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने अतीत में हिंदू आस्था से जुड़े मुद्दों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “यदि कोई अपराध करेगा तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, लेकिन हिंदू आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक आयोजनों और परंपराओं के सम्मान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में व्यापक स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
जाति और क्षेत्र की राजनीति से सावधान रहने की अपील
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार विकास और आस्था दोनों को साथ लेकर चल रही है और यही मॉडल उत्तर प्रदेश को नई दिशा दे रहा है।




