पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह H1N1 पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को किया अलर्ट
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 685 हो गए हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी H1N1 पॉजिटिव मिले हैं। संक्रमण 57 जिलों तक पहुंच चुका है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में UP Swine Flu Cases लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा H1N1 के मरीजों की संख्या बढ़कर 685 हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी H1N1 संक्रमित पाए गए हैं।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई जांच में उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की सलाह के बाद मंत्री ने खुद को क्वारंटीन कर लिया है और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
कई दिनों से था बुखार, जांच में H1N1 की पुष्टि
जानकारी के मुताबिक जयवीर सिंह को पिछले कई दिनों से बुखार था। उस दौरान वह फिरोजाबाद के दौरे पर थे, जिसके कारण वहां उनकी जांच नहीं हो सकी। लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य जांच कराई।
जांच में मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि H1N1 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर लिया।
3-4 दिन में 134 नए मामले
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के मुताबिक 29 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में 551 मामले सामने आए थे। वहीं 1 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 685 हो गई।
इस तरह महज कुछ दिनों में 134 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमण अब प्रदेश के 57 जिलों तक पहुंच चुका है।
गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा केस
स्वाइन फ्लू के मामलों में NCR के तीन जिलों की स्थिति खास तौर पर चिंताजनक बताई जा रही है। प्रदेश के कुल मामलों में आधे से ज्यादा मरीज गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और गाजियाबाद से सामने आए हैं।
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक:
- गौतमबुद्ध नगर: 189 मामले
- लखनऊ: 113 मामले
- मेरठ: 54 मामले
- गाजियाबाद: 32 मामले
गौतमबुद्ध नगर फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक मामलों वाला जिला है।
मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग की क्या है स्थिति?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभी तक स्वाइन फ्लू से किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने संदिग्ध मौतों का डेथ ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक डेथ ऑडिट की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित मौत का कारण स्वाइन फ्लू था या कोई अन्य वजह।
अस्पतालों में फीवर डेस्क और आइसोलेशन बेड की तैयारी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों में फीवर OPD, फीवर डेस्क और आइसोलेशन बेड आरक्षित रखने के साथ दवाओं और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने, नियमित रूप से हाथ धोने और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर जल्द जांच कराने की अपील की है।
57 जिलों तक पहुंचा संक्रमण
उत्तर प्रदेश में H1N1 संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल प्रदेश के 57 जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अस्पतालों को जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।




