बीजेपी मंच विवाद के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने दिया इस्तीफा

लखनऊ में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नोटिस मिलने पर उन्होंने 35 वर्षों की राजनीतिक यात्रा का हवाला देते हुए कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया। पढ़ें पूरी राजनीतिक खबर।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी सदस्य अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजते हुए 35 वर्षों तक पार्टी में निभाई गई अपनी भूमिका का उल्लेख किया।
यह विवाद 4 जुलाई को उस समय शुरू हुआ जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत समारोह में अशोक सिंह की गले में बीजेपी का पटका पहने तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। तस्वीर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा।
अशोक सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात का सबसे अधिक दुख है कि पार्टी ने उनका पक्ष जाने बिना नोटिस जारी कर दिया। उनका कहना है कि यदि नेतृत्व पहले उनसे बातचीत करता तो वे पूरी स्थिति स्पष्ट कर देते, लेकिन सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई से वे आहत हुए।
अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि उन्होंने करीब 35 वर्षों तक एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और एआईसीसी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। लंबे समय तक पार्टी प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। इसके बावजूद उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोपी बनाया गया, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी कारण उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। इस्तीफे की प्रतिलिपि कांग्रेस के यूपी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राष्ट्रीय सचिव और अनुशासन समिति के सदस्यों को भी भेजी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का इस प्रकार पार्टी छोड़ना संगठन के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि, अशोक सिंह ने फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।




