लखनऊ के 75 केंद्रों पर NEET UG Re-Exam, हजारों अभ्यर्थियों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
लखनऊ के 75 परीक्षा केंद्रों पर 35,594 अभ्यर्थी शामिल, प्रवेश पत्र डाउनलोड न होने और लंबी दूरी तय करने से बढ़ी परेशानी
नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम में भी छात्रों की परेशानियां कम नहीं हुईं। लखनऊ में कई अभ्यर्थियों को गृह जिले से बाहर केंद्र आवंटित किए गए, जबकि एडमिट कार्ड डाउनलोड न होने से भी अफरा-तफरी का माहौल रहा।
लखनऊ। कथित पेपर लीक के बाद रविवार को आयोजित नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा में भी अभ्यर्थियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्रों में बदलाव, प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में तकनीकी दिक्कतें और लंबी दूरी की यात्रा ने हजारों छात्रों एवं उनके अभिभावकों की परेशानियां बढ़ा दीं। राजधानी लखनऊ में 75 परीक्षा केंद्रों पर कुल 35,594 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच, बायोमीट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए विशेष डार्क रूम बनाए गए थे तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई थी।
केंद्र बदलने से बढ़ी परेशानी
आलमबाग स्थित गुरु नानक महाविद्यालय गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने केंद्र बदलने से हुई असुविधा की जानकारी दी। बलरामपुर की रागनी, सुल्तानपुर के राज राकेश और सीतापुर की शालिनी सहित कई छात्रों ने बताया कि पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार उनका केंद्र गृह जनपद से बाहर आवंटित किया गया। इसके कारण उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ी और यात्रा, ठहरने तथा समय प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
अभिभावकों का कहना था कि अचानक केंद्र बदलने से उन्हें बच्चों के साथ दूसरे शहरों में पहुंचने की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव बढ़ा।
प्रवेश पत्र डाउनलोड न होने से बढ़ी भागदौड़
परीक्षा शुरू होने से पहले कई अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र डाउनलोड न होने की समस्या का भी सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे कुछ छात्रों के पास प्रवेश पत्र की प्रिंट कॉपी उपलब्ध नहीं थी। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें डाउनलोड किया हुआ प्रवेश पत्र लेकर आने के निर्देश दिए, जिसके बाद आसपास स्थित साइबर कैफे और प्रिंटिंग दुकानों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी।
कई छात्र अंतिम समय तक प्रवेश पत्र प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इससे परीक्षा शुरू होने से पहले तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई परीक्षा
एनटीए के निर्देशानुसार अभ्यर्थियों को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली। केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहा।
प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए थे। प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन किया गया और परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की गई।
सोशल मीडिया पर पेपर लीक की अफवाहें भी रहीं चर्चा में
परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर अजमेर में कथित पेपर लीक की अफवाहें भी चर्चा का विषय बनी रहीं। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अधिकांश अभ्यर्थियों ने कहा कि इन खबरों से चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों ने उनके मन में परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर भरोसा भी पैदा किया।
अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न होगी तथा उनके भविष्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनिश्चितता समाप्त होगी।




