ब्रिक्स-इंडिया 2026: ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने निहारा ताजमहल, योगी सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र में दिखाया विकास मॉडल
आगरा में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की बैठक में योगी सरकार ने पेश की एमएसएमई क्षेत्र की उपलब्धियां, 96 लाख इकाइयों और 1.65 करोड़ रोजगार का दिया ब्यौरा
आगरा में ब्रिक्स एमएसएमई सम्मेलन के बाद प्रतिनिधियों ने ताजमहल का भ्रमण किया। यूपी सरकार ने MSME, ODOP योजना और निर्यात वृद्धि पर उपलब्धियां साझा कीं।
आगरा। ब्रिक्स-इंडिया 2026 के तहत आगरा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों से आए प्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह विश्वविख्यात ताजमहल का भ्रमण किया। संगमरमर पर की गई नायाब पच्चीकारी और अद्भुत स्थापत्य कला को देखकर विदेशी मेहमान अभिभूत हो गए। प्रतिनिधियों ने ताजमहल परिसर में यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं और भारत की ऐतिहासिक विरासत की खुले दिल से सराहना की।
कार्यक्रम का आयोजन ताजनगरी के ताज कन्वेंशन सेंटर में ‘ब्रिक्स एमएसएमई फोरम’ और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक के रूप में किया गया। सम्मेलन के पहले दिन योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की उपलब्धियों और वैश्विक व्यापार रणनीतियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
प्रदेश के एमएसएमई एवं जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश की एमएसएमई राजधानी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जो करीब 1.65 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र को केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मजबूत आधार मानती है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए अवसर तेजी से विकसित कर रहा है।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है। इसमें मशीनरी, परिधान, चमड़ा, कालीन और बहुमूल्य पत्थरों जैसे उत्पादों का प्रमुख योगदान है।
प्रदेश की बहुचर्चित एक जनपद एक उत्पाद योजना (ODOP) को भी सम्मेलन में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस योजना के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लोगों को वित्तीय सहायता दी गई है और लगभग 3.16 लाख रोजगार सृजित हुए हैं।
इसी तरह विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना गारंटी ब्याज मुक्त ऋण देकर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी की उपस्थिति में सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए प्रतिनिधिमंडल ने आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण किया और भारत की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत को नजदीक से समझा। पूरा आयोजन अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यापार विस्तार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।



