Breaking NewsE-paperMain Slidesअयोध्याउत्तर प्रदेशदेवीपाटनराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

देवीपाटन मंडल को 4901 करोड़ की विकास सौगात, मुख्यमंत्री योगी ने 1000 से अधिक परियोजनाओं को दी मंजूरी

सब-हेडलाइन: धार्मिक पर्यटन, सड़क, पुल, हेलीपैड और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर फोकस; 1602 किमी सड़क निर्माण समेत कई बड़ी योजनाओं को मिली हरी झंडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा दौरे के दौरान देवीपाटन मंडल की 4901.65 करोड़ रुपये लागत वाली 1000 से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी। 1602 किमी सड़क निर्माण, 81 लघु सेतु, 7 बड़े पुल, धार्मिक पर्यटन कनेक्टिविटी और 12 हेलीपैड निर्माण को स्वीकृति मिली।

गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोंडा दौरे के दौरान देवीपाटन मंडल के विकास को नई गति देते हुए 4901.65 करोड़ रुपये की लागत वाली 1000 से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की। महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, सेतु, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण संपर्क मार्ग और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत मंथन किया तथा अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

महज 13 दिनों के भीतर दूसरी बार गोंडा पहुंचे मुख्यमंत्री ने देवीपाटन और बस्ती मंडल की 33 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए विकास प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की योजना को विशेष प्राथमिकता दी। मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ धाम, स्वामीनारायण मंदिर और बस्ती के मखौड़ा धाम सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 महत्वपूर्ण मार्गों के विकास को मंजूरी दी गई।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुगम यातायात व्यवस्था आवश्यक है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

1602 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं पर लगभग 1472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 1602 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा।

इसके अलावा 50 से अधिक प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा, जिससे गांवों की मुख्य मार्गों तक पहुंच आसान होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

सड़क, पुल और सेतु परियोजनाओं को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री ने गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिलों में चल रही सड़क एवं संपर्क मार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में दो राज्य राजमार्गों, 81 लघु सेतुओं और सात बड़े पुलों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई।

औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिससे क्षेत्रीय निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बाईपास और ओवरब्रिज से सुधरेगी यातायात व्यवस्था

शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कई बाईपास मार्गों और ओवरब्रिज परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगे 12 हेलीपैड

आपदा प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड निर्माण को भी मंजूरी दी। माना जा रहा है कि इससे आपदा राहत कार्यों और आपातकालीन सेवाओं के संचालन में तेजी आएगी।

लंबित कार्यों पर सख्त निर्देश

बैठक में देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।

उन्होंने हरदौपट्टी संपर्क मार्ग, कटरा बाजार-पंडितपुरवा-नहवा-परसौरा मार्ग, सुभानपुर-बेलवानोहर मार्ग, हट्टीपुरवा-कुढ़ियांव संपर्क मार्ग तथा चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क, पुल और आधारभूत संरचना किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव होती है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button