UP Budget Session LIVE: वित्त वर्ष 2026-27 बजट पर सदन में गरमागरम बहस, CM योगी रखेंगे पक्ष
UP Budget Session LIVE: “उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर विस्तृत चर्चा जारी है। CM योगी आदित्यनाथ विधान परिषद में जवाब देंगे। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने अवधी में दिया जवाब, सपा ने बेरोजगारी और जल संकट का मुद्दा उठाया। पढ़ें ताजा अपडेट।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर आज से विस्तृत चर्चा शुरू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायकों को बजट पर अपने विचार रखने का अवसर दिया। यह चर्चा पांच दिन तक चलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज विधान परिषद में सरकार का पक्ष रखेंगे।
सदन में बेरोजगारी का मुद्दा
सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से रोजगार सृजन पर जवाब मांगा। विपक्ष ने बजट में युवाओं के लिए ठोस प्रावधानों की मांग की।
जल जीवन मिशन पर कार्रवाई का दावा
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पानी से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए बताया कि सीतापुर में जलाशय के कार्य पूरे कराए गए हैं। कुछ घरों में हाउस कनेक्शन लंबित हैं। प्रतापगढ़ के मांधाता गांव में जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि पहली बार जल जीवन मिशन के तहत 112 लोगों पर कार्रवाई की गई—24 निलंबित, 292 को नोटिस, 135 से स्पष्टीकरण और चार को सेवा से बर्खास्त किया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मंत्री रहते हुए किसी को ठेका-पट्टा नहीं दिलाया।
कविता के जरिए सरकार पर तंज
सपा विधायक कमाल अख्तर ने ‘मछली जल की रानी है…’ कविता सुनाकर जल संकट और पानी से फैलने वाली बीमारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि शुद्ध पेयजल की कमी से देश में हर साल लाखों लोगों की मौत होती है।
पोस्टर के साथ पहुंचे विधायक
रायबरेली के हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी पोस्टर लेकर सदन पहुंचे। पोस्टर पर ‘वोट चोरी बंद करो’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘सरकारी एस्कॉर्ट का दुरुपयोग क्यों?’ जैसे नारे लिखे थे।
खाद्य सुरक्षा और लैब व्यवस्था
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्लास्टिक बैन और पैकेज्ड फूड की जांच के लिए तीन माइक्रो बायोलॉजी लैब स्थापित की गई हैं। सरकार ने एक लाख आठ हजार नमूनों की जांच क्षमता विकसित की है, जो पहले उपलब्ध नहीं थी।
आउटसोर्सिंग कर्मियों पर जवाब
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भूतपूर्व सैनिक निगम को दी जा रही है। जो आउटसोर्स कर्मी प्रभावित हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
बजट सत्र के पहले दिन ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अब निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन पर हैं, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और बजट के प्रावधानों को विस्तार से स्पष्ट करेगी।




