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विधानसभा में तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा, स्पीकर सतीश महाना हुए भावुक, कार्यवाही फिर स्थगित

विधानसभा में तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में तीसरे दिन भी विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही बाधित रही। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हुए, सरकार ने समाजवादी पार्टी पर जनता के मुद्दों से भागने का आरोप लगाया। पढ़ें लखनऊ से पूरी राजनीतिक रिपोर्ट।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। विधानसभा में तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार तीसरे दिन देखने को मिला। विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः इसे दोपहर एक बजे तक स्थगित करना पड़ा। लगातार व्यवधान के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भावुक होकर सदन से अनुशासन बनाए रखने की अपील की और कहा कि यह उनकी राजनीतिक यात्रा का अंतिम चरण है। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें यह भी सोचना पड़ेगा कि क्या वे इस पद के योग्य हैं या नहीं।

इस बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। सरकार ने समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से भागने और जनता के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।

सरकार ने विपक्ष को बताया बहस से भागने वाला

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती क्योंकि उन्हें अपने कार्यकाल की विफलताओं और पुराने मामलों के सामने आने का डर है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के समय पेपर लीक और कानून व्यवस्था की घटनाएं आम थीं, इसलिए विपक्ष सदन में बहस से बच रहा है।

केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर साधा निशाना

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया। उनके अनुसार विपक्ष केवल सदन का समय बर्बाद करना चाहता है और जनता के हितों से उसका कोई सरोकार नहीं है।

शिवपाल सिंह यादव ने लगाए गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले सहित कई मुद्दों पर भाजपा और RSS पर गंभीर आरोप लगाए। उनके बयानों के बाद सदन के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

अनुपूरक बजट के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव

मंगलवार को सरकार ने विधानसभा में 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसके बाद से सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जनता के हितों पर चर्चा नहीं चाहता, जबकि विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

 

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