डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 64 मेधावियों को मिले 88 मेडल

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 64 मेधावियों को 88 मेडल प्रदान किए। 79,832 विद्यार्थियों को डिग्री मिली। छात्राओं ने मेडल सूची में बाजी मारी। पढ़ें आगरा शिक्षा जगत की पूरी खबर।
आगरा, उत्तर प्रदेश। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) का 92वां दीक्षांत समारोह खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। इस अवसर पर 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 मेडल प्रदान किए गए, जबकि 79,832 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं।
समारोह में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के चेयरमैन डॉ. पंकज अरोड़ा मुख्य अतिथि तथा उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में मॉडल स्कूल के विस्तार, सेंटर फॉर लीगल एजुकेशन, कणाद हाईटेक इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर, बाबा साहब आंबेडकर प्रतिमा स्थल के नवीनीकरण, छलेसर परिसर के शताब्दी द्वार, लॉन टेनिस कोर्ट, सड़क एवं पार्किंग सहित कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और अभिभावकों से बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की अपील की।
छात्राओं ने फिर मारी बाजी
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि इस वर्ष सम्मानित 64 मेधावियों में 46 छात्राएं और 18 छात्र शामिल हैं। यह उपलब्धि उच्च शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाती है।
79 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली डिग्री
विश्वविद्यालय ने इस वर्ष कुल 79,832 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इनमें 55,686 स्नातक, 9,150 स्नातकोत्तर, 14,826 व्यावसायिक पाठ्यक्रम, 167 पीएचडी तथा 3 डी.लिट उपाधियां शामिल हैं।
नरेंद्र सिंह बने समारोह के स्टार
आरबीएस कॉलेज के छात्र नरेंद्र सिंह को सर्वाधिक चार स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया तथा विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
मथुरा पीजी कॉलेज की छात्रा पूजा सोलंकी को तीन गोल्ड मेडल मिले। उन्होंने भविष्य में प्रोफेसर बनने और शोध के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा जताई।
महिला स्वास्थ्य जागरूकता की अनूठी पहल
विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 100 किशोरियों का निःशुल्क HPV टीकाकरण कराया गया। राज्यपाल ने सभी बालिकाओं को न्यूट्रिशन बास्केट भी वितरित की और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
शिक्षा का अंत नहीं, नई शुरुआत
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने मेडल विजेताओं से समाज के लिए आदर्श बनने का आह्वान किया।


