राम विलास पासवान को यूपी में भी मिलेगा बिहार जैसा सम्मान: सीएम योगी
CM योगी आदित्यनाथ ने राम विलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें वंचितों की मजबूत आवाज बताया और यूपी में बिहार जैसा सम्मान दिलाने की बात कही। चिराग पासवान ने सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी बताई।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को दलितों एवं वंचितों की प्रखर आवाज बताया। उनकी छठी पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह बिहार ने राम विलास पासवान को सम्मान दिया, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उन्हें विशेष सम्मान दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पासवान आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और सामाजिक चेतना के लिए किया गया कार्य हमेशा प्रासंगिक रहेगा।
गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राम विलास पासवान के साथ संसद में बिताए समय को याद किया। उन्होंने कहा कि पासवान ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी लड़ाई को बिना भेदभाव आगे बढ़ाया और अपना जीवन समाज में जागरूकता लाने तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए समर्पित किया।
बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी मिलेगा सम्मान
सीएम योगी ने कहा कि करीब पांच दशक पहले बिहार की राजनीति में राम विलास पासवान जैसे युवा नेता का उदय हुआ, जो दलितों और वंचितों की आवाज बनकर उभरे। बिहार की जनता ने उन्हें व्यापक समर्थन दिया और सबसे अधिक मतों से जीताकर संसद तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम विलास पासवान की लोकप्रियता उत्तर प्रदेश में भी रही है। उनकी राजनीतिक और सामाजिक विरासत को उनके पुत्र चिराग पासवान आगे बढ़ा रहे हैं। योगी ने पासवान की पुण्यतिथि को राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाने के लिए बिहार सरकार की सराहना भी की।
अटल और मोदी सरकार में निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम विलास पासवान के व्यक्तित्व और राजनीतिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकारों में वरिष्ठ मंत्रिमंडलीय सदस्य के रूप में काम किया। योगी के मुताबिक, पासवान की सरलता और सहज व्यवहार लोगों को प्रभावित करता था।
उन्होंने कहा कि पासवान ने सामाजिक चेतना को मजबूत करने और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, मंत्री दयाशंकर सिंह और राष्ट्रीय लोक दल के महासचिव त्रिलोक त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।
यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी: चिराग पासवान
कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के विस्तार की योजना सामने रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार, झारखंड और नागालैंड जैसे राज्यों में अपना आधार मजबूत कर चुकी है। अब उत्तर प्रदेश में भी संगठन का विस्तार किया जाएगा।
चिराग पासवान के मुताबिक, पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी के समर्थकों की संख्या भी अच्छी है। हालांकि, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी इस विषय पर कोई बातचीत नहीं हुई है।
पीडीए, चुनाव आयोग और योगी के बयान पर भी रखी राय
चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक से जुड़े राजनीतिक विमर्श पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान संदेश देने का अवसर था, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं किया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन पर चिराग ने कहा कि सवाल पूछना और समाधान जानना सभी का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन का उद्देश्य समाधान हासिल करने के बजाय हंगामा करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 80-20 वाले बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समावेशी राजनीति में विश्वास करती है।
अनुप्रिया पटेल ने भी पासवान के योगदान को किया याद
केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने राम विलास पासवान को व्यापक सोच वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि पासवान ने कई सरकारों में दलितों और वंचितों की आवाज उठाई और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी।
राजनीतिक महत्व: राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय की राजनीति के साथ उत्तर प्रदेश में चिराग पासवान की पार्टी के विस्तार की घोषणा के कारण भी महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात पार्टी की तैयारी के रूप में सामने आई है; एनडीए के साथ गठबंधन पर अभी सहमति या औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।


