चढ़ावा चोरी जांच रिपोर्ट से पहले अमित शाह से मिले सीएम योगी, 40 मिनट चली मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की अंतिम एसआईटी रिपोर्ट आने से पहले हुई, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक का समय ऐसे मौके पर आया है, जब अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जानी है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर साझा की मुलाकात की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री से शिष्टाचार भेंट की और अमूल्य समय देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री की इस पोस्ट में बैठक के विषय या किसी विशेष मुद्दे का उल्लेख नहीं किया गया।
रिपोर्ट से पहले बैठक पर बढ़ीं राजनीतिक चर्चाएं
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट आने वाली है। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपने का समय दिया है।
ऐसे में रिपोर्ट से ठीक पहले मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विपक्ष लगातार उठा रहा है मुद्दा
श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संबंधित ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किए जाने के बाद विपक्ष ने जांच और जवाबदेही को लेकर सरकार को घेरा है।
इसी बीच मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री की मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसआईटी रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजरें एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट पर हैं। रिपोर्ट में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई का फैसला करेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि जांच में किन तथ्यों और जिम्मेदारियों की पुष्टि हुई है।




