बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन: ब्रेन कैंसर से जंग हार गए BSP के इकलौते विधायक

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का ब्रेन कैंसर के कारण निधन हो गया। दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। जानिए उनका राजनीतिक सफर, मायावती से संबंध और पूरी खबर।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति और बहुजन समाज पार्टी के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे और विधानसभा में BSP के इकलौते प्रतिनिधि उमाशंकर सिंह का बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे और लंबे समय से ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज भारत के साथ-साथ अमेरिका में भी कराया गया, लेकिन बीमारी अंतिम चरण तक पहुंच गई।
उमाशंकर सिंह ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में रसड़ा सीट से लगातार जीत दर्ज कर पूर्वांचल में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब BSP को केवल एक सीट मिली, तब उसी सीट से जीत दर्ज कर उन्होंने पार्टी का विधानसभा में प्रतिनिधित्व कायम रखा।
मायावती से था बेहद करीबी रिश्ता
बसपा प्रमुख मायावती उमाशंकर सिंह को अपना छोटा भाई मानती थीं। पिछले वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने स्वयं उन्हें राखी बांधी थी। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद मायावती ने उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह से फोन पर बात कर परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि पार्टी पूरे परिवार के साथ खड़ी है।
राजनीतिक सफर
उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव जीतने के बाद उन्होंने जिला पंचायत की राजनीति में कदम रखा। बाद में 2011 में बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए और 2012 से लगातार रसड़ा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे।
जनसेवा के लिए अलग पहचान
पूर्वांचल में उमाशंकर सिंह को जनसेवा और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता था। उन्होंने सामूहिक विवाह समारोहों सहित कई सामाजिक पहल कीं, जिससे उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनी रही। विकास कार्यों और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण उन्हें बसपा का पूर्वांचल में सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता था।
परिवार और अंतिम संस्कार
उनके परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी सिंह और बेटा प्रिंस युकेश सिंह हैं। परिवार के अनुसार उनका अंतिम संस्कार बलिया जिले के रसड़ा में किया जाएगा। उनके निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है और विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।



