‘पावर को रुतबा न समझें, पब्लिसिटी से दूर रहें’, अमित शाह की नए IPS अधिकारियों को नसीहत

हैदराबाद में 78वें IPS बैच की पासिंग-आउट परेड में अमित शाह ने अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने और पब्लिसिटी से दूर रहने की सलाह दी। 151 अधिकारियों ने पूरी की ट्रेनिंग।
हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को पद और अधिकारों का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को अपनी शक्ति को रुतबा नहीं समझना चाहिए और पब्लिसिटी हासिल करने के बजाय परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विनम्रता, संयम और संविधान के प्रति समर्पण ही एक पुलिस अधिकारी की वास्तविक ताकत है।
हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में शनिवार, 17 अक्टूबर को 78वें बैच के आईपीएस अधिकारियों की पासिंग-आउट परेड आयोजित की गई। इस अवसर पर अमित शाह का संदेश पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने परेड की सलामी ली।
151 अधिकारियों ने पूरी की ट्रेनिंग
राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 78वें बैच के तहत कुल 151 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें 135 भारतीय आईपीएस अधिकारी और नेपाल, भूटान तथा मालदीव के 16 अधिकारी शामिल थे। इस बैच में 37 महिला अधिकारी भी रहीं। समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर
अमित शाह ने अपने संदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से बदलती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार रखने की अपील की।
साइबर अपराध और ड्रग तस्करी से निपटने की चुनौती
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पुलिस अधिकारियों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत बताई। साथ ही, साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले फर्जी बैंक खातों और नकली सिम कार्ड के नेटवर्क पर अंकुश लगाने पर जोर दिया।
उन्होंने आतंकवादी खतरों की निगरानी, अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की आवश्यकता भी बताई। अधिकारियों को डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी और वीपीएन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर पहचान छिपाने वाले अपराधियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह दी गई।
डीपफेक और सोशल मीडिया की अफवाहों पर सतर्कता
गोविंद मोहन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाले भ्रामक संदेशों और डीपफेक वीडियो को कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री से जनता के बीच अनावश्यक तनाव पैदा होने से रोकने के लिए पुलिस को सक्रिय रहना होगा। इसके साथ ही पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।



