उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र: मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जे का मुद्दा गरमाया
“यूपी बजट सत्र 2026 के दौरान मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन पर कथित कब्जे का मुद्दा विधानसभा में उठा। नेता प्रतिपक्ष ने जांच की मांग की। मुफ्त बिजली, एसआईआर और प्रमाणपत्र विवाद पर भी सदन में तीखी बहस।” पढ़ें पूरी रिपोर्ट..
लखनऊ/मेरठ। यूपी बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मेरठ स्थित गांधी आश्रम की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि आश्रम की भूमि पर कब्जे की कोशिशें हो रही हैं और सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह भूमि ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा “पूर्वजों के खून-पसीने की कमाई” है। ऐसे में इस पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण गंभीर विषय है।
बिजली और मुफ्त योजना पर सियासी टकराव
प्रश्नकाल के दौरान ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि किसानों को बड़े पैमाने पर बिजली कनेक्शन दिए गए हैं और सरकार मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
इस पर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि पूर्व सरकारों के कार्यों को नजरअंदाज करना गलत है। सदन में कुछ समय के लिए माहौल गर्म रहा।
300 यूनिट मुफ्त बिजली का सवाल
सपा सदस्य डॉ. रागिनी सोनकर ने दिव्यांगजन, वृद्ध और बीपीएल परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का मुद्दा उठाया। ऊर्जा मंत्री ने जवाब में बताया कि राज्य में करोड़ों उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
एसआईआर और प्रमाणपत्र विवाद
सत्र के दौरान एसआईआर में कथित गड़बड़ी और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी न करने के आरोपों पर विपक्ष ने बहिर्गमन किया। नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी बजट सत्र 2026 में भूमि विवाद, बिजली आपूर्ति और प्रशासनिक मुद्दे आने वाले चुनावों की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। मेरठ का गांधी आश्रम मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है।



