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पीईटी परीक्षा में शामिल होंगे 35.41 लाख अभ्यर्थी, AI चश्मे और ब्लूटूथ डिवाइस पर रहेगी कड़ी नजर

UP PET 2026 में 35,41,297 अभ्यर्थी शामिल होंगे। यूपी के 60 जिलों में 1,372 केंद्रों पर 25, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को परीक्षा होगी। नकल रोकने के लिए AI चश्मों, मोबाइल और ब्लूटूथ डिवाइस की जांच होगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 को निष्पक्ष और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस चश्मों सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जांच की जाएगी।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उन्होंने परीक्षा केंद्रों और कोषागारों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी सुनिश्चित करने तथा परीक्षा में तैनात सभी कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर होगी परीक्षा

UPSSSC PET-2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रदेश के 60 जिलों में किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 1,372 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी, ताकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को व्यवस्थित तरीके से शामिल कराया जा सके।

इस परीक्षा में 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों पर भीड़ नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

AI चश्मे और ब्लूटूथ डिवाइस की होगी सघन जांच

परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस के साथ AI चश्मों की भी जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी मदद लेकर नकल करने की कोशिश को रोका जा सके।

प्रशासन को परीक्षा केंद्रों पर जांच व्यवस्था प्रभावी बनाने और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मदद से परीक्षा केंद्रों तथा प्रश्नपत्रों से संबंधित सुरक्षित व्यवस्थाओं की निगरानी पर जोर दिया गया है।

परीक्षा में तैनात कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही की आशंका को कम करना है।

रेलवे और बस स्टेशनों पर भी रहेगी व्यवस्था

PET-2026 में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण परीक्षा तिथियों पर रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन को परिवहन और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के साथ अभ्यर्थियों के आवागमन को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया है।

महिला अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क स्थापित करने और परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के ठहरने के लिए होल्डिंग एरिया बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को होने वाली परेशानियों को कम करना है।

जिलाधिकारियों को समय से तैयारी पूरी करने के निर्देश

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की तैयारियों की समय से समीक्षा करने को कहा है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय और निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के लिए कहा गया है।

पेंशनर्स के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में PET-2026 की तैयारियों के अलावा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान पर भी चर्चा हुई। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलाया जाना है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इसका प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए।

आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा से पेंशनर्स स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी एप का उपयोग किया जा सकता है।

बैठक में जल संचय-जन भागीदारी अभियान के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पात्र नागरिकों की आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

PET-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र, परीक्षा शहर और केंद्र से जुड़ी जानकारी ध्यानपूर्वक जांच लेनी चाहिए। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने और आयोग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने से अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सकता है।

मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संबंध में आयोग के आधिकारिक निर्देश अवश्य पढ़ें। किसी भी उपकरण को परीक्षा केंद्र पर ले जाने से पहले उसकी अनुमति की पुष्टि करना जरूरी है।

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