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फर्जी IAS के पीए की पत्नी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाली सुमन मिश्रा लखनऊ से गिरफ्तार

मेरठ के डॉक्टर दंपती से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी करने वाली सुमन मिश्रा को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी आईएएस अधिकारी के पीए की पत्नी बनकर वह और उसका पति करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।

मेरठ। फर्जी आईएएस अधिकारी के पीए की पत्नी बनकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली सुमन मिश्रा को पुलिस ने लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले दो वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी।

पुलिस के अनुसार, सुमन मिश्रा और उसके पति पंकज मिश्रा उर्फ पिंटू ने मेरठ के एक चिकित्सक दंपती से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी की थी। इतना ही नहीं, ठगी का मामला उजागर होने के बाद चिकित्सक को दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश भी रची गई थी।

सरकारी डॉक्टर बनाने का दिया था झांसा

दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित सुशांत सिटी निवासी बीडीएस चिकित्सक डॉ. माधवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी डॉ. ज्योति ने वर्ष 2018 में सरकारी चिकित्सक भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन नहीं हो सका था। इसी बीच मार्च 2023 में सुल्तानपुर निवासी पंकज मिश्रा ने खुद को एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का निजी सहायक (पीए) बताते हुए डॉ. माधवेंद्र से संपर्क किया।

पंकज ने दावा किया कि उसके प्रशासनिक अधिकारियों और शासन स्तर तक मजबूत संबंध हैं और वह डॉ. ज्योति का चयन सरकारी चिकित्सक के पद पर करा सकता है।

घर पहुंचकर जीता भरोसा, आठ किश्तों में वसूले 70 लाख

कुछ दिन बाद पंकज मिश्रा अपनी पत्नी सुमन मिश्रा, भाई प्रभात कुमार और चालक बबलू के साथ चिकित्सक दंपती के घर पहुंचा। चारों ने चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया और प्रभावशाली लोगों से नजदीकी होने का दावा किया।

आरोपितों की बातों पर विश्वास कर डॉक्टर दंपती ने अलग-अलग आठ किश्तों में कुल 70 लाख रुपये उन्हें दे दिए। एक अक्टूबर 2023 को भर्ती परीक्षा आयोजित हुई और 23 नवंबर को परिणाम घोषित किए गए, लेकिन चयन सूची में डॉ. ज्योति का नाम नहीं था।

इसके बाद चिकित्सक दंपती को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसकी पत्नी सुमन मिश्रा लगातार फरार चल रही थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

टीपीनगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि सुमन मिश्रा लखनऊ में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि आरोपी महिला को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया और शुक्रवार को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

डॉक्टर को फर्जी दुष्कर्म मुकदमे में फंसाने की भी रची गई थी साजिश

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोप है कि ठगी का मामला सामने आने के बाद पंकज मिश्रा ने चिकित्सक डॉ. माधवेंद्र को फर्जी दुष्कर्म मुकदमे में फंसाने के लिए एक अधिवक्ता को 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

जांच के अनुसार, जेल में पंकज की मुलाकात अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा से हुई थी। बाद में डॉक्टर को फंसाने के लिए एक दुष्कर्म प्रकरण में उनका नाम भी शामिल कराने की कोशिश की गई। हालांकि जांच के दौरान साजिश का पर्दाफाश हो गया और संबंधित आरोपितों के खिलाफ अलग मुकदमा दर्ज किया गया।

करोड़ों की ठगी का शक, कई जिलों में फैला नेटवर्क

पुलिस का मानना है कि पंकज मिश्रा और सुमन मिश्रा का गिरोह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय रहा है। आरोपित सरकारी नौकरी, तबादला, प्रमोशन और प्रशासनिक पहुंच का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।

जांच एजेंसियां अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके आर्थिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

रिश्तेदारी का कनेक्शन भी आया सामने

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी पंकज मिश्रा का संबंध सुल्तानपुर के एक परिवार से है और वह राधेश्याम मिश्रा की पत्नी दिवंगत सुनीता मिश्रा का चचेरा भाई बताया जा रहा है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

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