Breaking NewsE-paperMain Slidesउत्तर प्रदेशनई दिल्लीभारतराजनीतिराज्यलखनऊसमाचार

बदायूं में सपा सांसद आदित्य यादव का हमला: ‘मैं मुख्यमंत्री को सीरियसली नहीं लेता’, गैस संकट के लिए भाजपा जिम्मेदार

” कांशीराम जयंती कार्यक्रम में सपा सांसद आदित्य यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बदायूं में रसोई गैस संकट, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहराया।”

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं में कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद Aditya Yadav ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। डायट ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे सांसद ने महंगाई, बेरोजगारी और रसोई गैस संकट जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्य यादव ने कहा कि आज देश में किसान और नौजवान दोनों ही परेशान हैं। बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान की बजाय समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि Kanshi Ram के विचारों से ही समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।

गैस संकट पर सरकार पर निशाना

मीडिया से बातचीत में आदित्य यादव ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने आरोप लगाया कि बदायूं में रसोई गैस के लिए 500 से 700 मीटर तक लंबी लाइनें लग रही हैं।

उनके मुताबिक सरकार आपूर्ति को लेकर सिर्फ कागजी दावे कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि गैस सिलेंडर ब्लैक में 2 से 3 हजार रुपये तक में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावे जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसे हैं।

केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल

सपा सांसद ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi को देश की कूटनीतिक स्थिति साफ करनी चाहिए।

किसानों के मुद्दे पर सरकार घिरी

आदित्य यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। उन्होंने कहा कि आलू किसानों को उनकी लागत तक नहीं मिल रही और पिछले साल की तुलना में इस बार आलू की सरकारी खरीद भी नहीं हुई।

सपा सांसद ने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। उल्टा किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है।

Related Articles

Back to top button