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‘मुझे सपा से कोई अलग नहीं कर सकता’, राजभर के टूट वाले दावे पर भड़के सांसद सनातन पांडेय

बलिया से समाजवादी पार्टी सांसद सनातन पांडेय ने ओमप्रकाश राजभर के सपा में टूट के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उन्हें सब कुछ दिया है और यदि वह कभी बागी हुए तो सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेंगे। जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम।

लखनऊ/बलिया। सनातन पांडेय ने समाजवादी पार्टी में टूट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर द्वारा किए गए दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बलिया से सांसद सनातन पांडेय ने साफ कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी से कोई अलग नहीं कर सकता और यदि वह कभी पार्टी से बागी होते हैं तो सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

दरअसल, ओमप्रकाश राजभर ने हाल ही में सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने यह भी कहा था कि “बागी बलिया का लाल” सपा के बागी सांसदों का नेतृत्व करेगा। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को बलिया सांसद सनातन पांडेय से जोड़कर देखा गया।

राजभर के बयान को बताया हास्यास्पद

सनातन पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह पूरा बयान हास्यास्पद लगता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कोई उनके बारे में इस तरह की राजनीतिक अटकलें लगाएगा।

उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी ने मुझे विधायक और सांसद बनने का अवसर दिया। पार्टी ने मुझे पहचान दी है। मुझे दुनिया की कोई ताकत समाजवादी पार्टी से अलग नहीं कर सकती।”

‘राजभर ने मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कर दिया’

सपा सांसद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब तक समाजवादी पार्टी ने उन्हें राजनीतिक पहचान दी, लेकिन ओमप्रकाश राजभर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजभर के बयान का जवाब देना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है क्योंकि इसमें कोई तथ्य नहीं है।

जनेश्वर मिश्र जयंती कार्यक्रम का किया जिक्र

सनातन पांडेय ने कहा कि समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए हर साल जनेश्वर मिश्र जयंती पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी व्यापक तैयारी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में सभी वर्गों की भागीदारी रहती है और किसी भी समाज की उपेक्षा नहीं की जाती।

राजनीति में 1986 से सक्रिय

सांसद ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन पिता के निधन के बाद उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना। वह 1986 से राजनीति में सक्रिय हैं और समाजवादी विचारधारा के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा, “यदि यह साबित हो जाए कि मैं सपा से बागी होकर किसी गुट का नेतृत्व कर रहा हूं तो मैं उसी दिन राजनीति से संन्यास ले लूंगा।”

क्या था ओपी राजभर का दावा?

गुरुवार सुबह ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि समाजवादी पार्टी के बागी सांसदों का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की बागी भूमि बलिया का एक नेता करेगा। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज का तिरस्कार किया गया, जिससे “बागी बलिया का लाल” आहत है।

राजभर के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं, लेकिन अब सनातन पांडेय ने सार्वजनिक रूप से इन दावों को खारिज कर दिया है।

यूपी की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। सपा और एनडीए सहयोगी दलों के नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में राजभर और सनातन पांडेय के बीच यह सियासी तकरार भी चर्चा का विषय बन गई है।

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