जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी ठिकाने से 7 कंटेनर विस्फोटक बरामद, IED होने की आशंका से अलर्ट
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर स्थित कसबलारी में सुरक्षाबलों ने संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सात संदिग्ध कंटेनर बरामद किए। इनमें IED होने की आशंका है। पिछले 10 दिनों में पुंछ-राजौरी में चौथी बरामदगी हुई।
पुंछ। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की है। शुक्रवार को चलाए गए संयुक्त अभियान में सात कंटेनर मिले हैं। इन कंटेनरों में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) होने की आशंका जताई जा रही है। बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और सभी संदिग्ध वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मेंढर तहसील के कसबलारी इलाके में की गई। सुरक्षा बलों को 156 टेरिटोरियल आर्मी से पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके बाद संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री के स्रोत और संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
सात कंटेनरों में IED होने की आशंका
तलाशी अभियान के दौरान टेप से लिपटे सात कंटेनर बरामद किए गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि इनमें विस्फोटक या IED से संबंधित सामग्री हो सकती है। हालांकि, अभी तक तकनीकी परीक्षण के आधार पर इसकी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षाबलों को तलाशी के दौरान सात कंटेनरों के अलावा एक काला बैग, एक कॉम्बैट पाउच, काले रंग का लोहे का बॉक्स, एक मैगजीन, एक एल्युमिनियम कंटेनर, दो पावर एडाप्टर और एक टिफिन भी मिला है। सभी वस्तुओं को कब्जे में लेकर उनकी जांच की जा रही है।
7.62 एमएम LMG की मैगजीन होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में बरामद मैगजीन के 7.62 एमएम लाइट मशीन गन (LMG) से संबंधित होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसकी भी तकनीकी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद सामान कितना पुराना है, इसे वहां कब और किस उद्देश्य से रखा गया था तथा इसका किसी आतंकी गतिविधि से संबंध है या नहीं।
10 दिनों में पुंछ-राजौरी में चौथी बरामदगी
पिछले 10 दिनों के दौरान पुंछ और राजौरी जिलों में हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी की चार घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद किए गए हथियार पुराने बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां हर बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही हैं।
इससे पहले विजयादशमी के अवसर पर पुंछ में एक मंदिर की छत पर ग्रेनेड मिला था। उस समय मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसके अलावा राजौरी के चोर हिल जंगल क्षेत्र और पुंछ के साब्जियां इलाके में भी कथित आतंकी ठिकानों से हथियार बरामद किए गए थे।
नियंत्रण रेखा के पास होने से संवेदनशील है पुंछ
पुंछ जिला नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक स्थित है। यहां का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाला है। यही वजह है कि सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है।
सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी रखते हैं। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। कसबलारी में हुई ताजा बरामदगी के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां जांच और निगरानी में जुटी हैं।
जन सुरक्षा कानून पर हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
इसी बीच जम्मू-कश्मीर में जन सुरक्षा कानून (PSA) से जुड़े एक अलग मामले में हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि सामान्य आपराधिक मामलों को केवल सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताकर किसी व्यक्ति को PSA के तहत हिरासत में रखना उचित नहीं है। यदि सामान्य आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई पर्याप्त है, तो एहतियातन हिरासत का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी की खंडपीठ ने कुलगाम निवासी तारिक की हिरासत रद्द कर दी। अदालत ने 25 सितंबर 2026 को सिंगल बेंच की ओर से हिरासत को सही ठहराने वाले फैसले को भी निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
मामले के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट कुलगाम ने 13 दिसंबर 2025 को तारिक के खिलाफ PSA के तहत हिरासत का आदेश जारी किया था। उस पर कुलगाम, अनंतनाग और शोपियां में मवेशी व भेड़ चोरी, घर में घुसने और सेंधमारी समेत 11 आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप थे।
प्रशासन ने दलील दी थी कि इन घटनाओं से ग्रामीणों में असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ। वहीं, तारिक की पत्नी नाहिदा ने हिरासत को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उनके वकील ने अदालत में कहा कि संबंधित मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुके थे और आरोपित को जमानत भी मिल गई थी।


