कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि, आकाश आनंद ने छुए पैर; लखनऊ में उमड़ा कार्यकर्ताओं का सैलाब

लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने श्रद्धांजलि दी। आकाश आनंद ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मायावती ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग दोहराई और बसपा को मजबूत करने की अपील की।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर शुक्रवार, 9 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आवास पर कांशीराम की तस्वीर और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने मायावती और कांशीराम के समर्थन में नारे लगाए।
कार्यक्रम में मायावती के भतीजे और बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी मौजूद रहे। मायावती के स्वागत के दौरान आकाश आनंद ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मायावती ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें उठाया। इस दृश्य ने कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। आकाश आनंद की पार्टी में वापसी और राष्ट्रीय संयोजक का पद मिलने के बाद यह उपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग
कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि बसपा संस्थापक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए। मायावती ने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की ताकत बढ़ने से सरकारों पर मांग स्वीकार करने का दबाव बनाया जा सकेगा।
उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न दिए जाने के मुद्दे पर भी कांग्रेस की आलोचना की। मायावती ने कहा कि आंबेडकर को यह सम्मान वीपी सिंह सरकार के कार्यकाल में मिला था, जबकि कांशीराम को अब तक भारत रत्न नहीं दिया गया है।
तीन राज्यों में संगठन मजबूत करने की अपील
मायावती ने आगामी चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ताओं से तन-मन-धन से पार्टी के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में बसपा को मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकारों से शिक्षा, रोजगार, सड़क और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने की बात कही।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा आलमबाग स्थित कांशीराम सामाजिक परिवर्तन स्थल पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का कार्यक्रम था।
आनंद कुमार और ईशान आनंद की गैरमौजूदगी चर्चा में
कार्यक्रम में मायावती के भाई आनंद कुमार और ईशान आनंद नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुईं। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और मायावती के संदेश ने बसपा के संगठन को मजबूत करने तथा आगामी चुनावों की तैयारी पर पार्टी के जोर को रेखांकित किया।



