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अजय राय बोले- क्यों हटाया, पता नहीं; मैंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, कर्म का फल ईश्वर देंगे

अयोध्या में जन्मदिन मनाने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी हाईकमान का निर्णय उन्हें स्वीकार है। उन्होंने कहा कि आगे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

अयोध्या। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने अपने जन्मदिन के अवसर पर अयोध्या पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने, पार्टी में अपनी भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर बात की। अजय राय ने कहा कि उन्हें पद से क्यों हटाया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का फैसला उन्हें स्वीकार है।

अजय राय को 2 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है। कांग्रेस ने इसी बदलाव के साथ संगठन में अन्य नियुक्तियां भी की हैं।

बोले- जो जिम्मेदारी मिली, पूरी निष्ठा से निभाई

पद से हटाए जाने पर अजय राय ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी थी, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ निभाया। उन्होंने कहा कि पद मिलना या हटना संगठन का निर्णय है और पार्टी नेतृत्व के फैसले को वह स्वीकार करते हैं।

अजय राय ने कहा कि वह पद के पीछे भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनका कहना था कि उनका काम संगठन और जनता के बीच रहकर मेहनत करना है। उन्होंने कहा कि कर्म करना उनके हाथ में है, जबकि उसके परिणाम का फैसला ईश्वर करते हैं।

वाराणसी से पीएम मोदी को हराना बताया अगला लक्ष्य

अजय राय ने अपने राजनीतिक एजेंडे को लेकर कहा कि उनका अगला लक्ष्य वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मुकाबला करना है। उन्होंने कहा कि वाराणसी कांग्रेस का संगठन इसके लिए मजबूती से काम करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों को भी उन्होंने जारी रखने की बात कही।

रामलला और हनुमानगढ़ी में किया दर्शन

अजय राय ने कहा कि वह अपने जन्मदिन पर काशी से अयोध्या पहुंचे हैं। रामलला के दर्शन और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना को उन्होंने सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम से उन्होंने जनता की सेवा करने, कांग्रेस को मजबूत करने और लोगों के बीच प्रेम व सौहार्द बनाए रखने की शक्ति मांगी है।

अयोध्या में उनके इस दौरे के दौरान राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहे। इससे पहले भी अजय राय ने पद से हटाए जाने के बाद कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व का निर्णय स्वीकार है और वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।

कांग्रेस-सपा गठबंधन पर नहीं खोले पत्ते

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय राय ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही निर्णय और स्थिति स्पष्ट करेगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ सकती है, तो उन्होंने इस पर भी टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि पार्टी और देश से जुड़ा विषय है तथा उनका उद्देश्य कांग्रेस को मजबूत करना है।

यूपी में कांग्रेस की सरकार बनाने का जताया भरोसा

अजय राय ने दावा किया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आगे पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे वह पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने की बात कही।

2012 से कांग्रेस में हैं अजय राय

अजय राय वर्ष 2012 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में कई बार निर्वाचित हुए और वाराणसी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ा है।

17 अगस्त 2023 को उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। करीब तीन साल बाद पार्टी ने संगठन में बदलाव करते हुए उनकी जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया।

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