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लखनऊ का बड़ा कायाकल्प: LDA तोड़ेगा पुराने कॉम्प्लेक्स, 110 करोड़ से बनेंगे हाईटेक मॉल और प्रीमियम फ्लैट

पुराने जर्जर बाजारों की जगह 13–14 मंजिला आधुनिक इमारतें, कैलाशकुंज से होगी शुरुआत

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) शहर के पुराने जर्जर कॉम्प्लेक्स जैसे कैलाशकुंज और विकासदीप को तोड़कर 110 करोड़ रुपये की लागत से 13 और 14 मंजिला आधुनिक मॉल व प्रीमियम फ्लैट्स बनाने जा रहा है, जिससे शहरी पुनर्विकास को नई दिशा मिलेगी।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शहरी विकास को नया रूप देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत शहर के कई पुराने और जर्जर हो चुके व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर उनकी जगह आधुनिक बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। इस परियोजना की शुरुआत इंदिरा नगर स्थित कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स से होगी।

कैलाशकुंज से होगी शुरुआत, 13 मंजिला बिल्डिंग बनेगी

LDA की योजना के मुताबिक करीब 40 साल पुराने कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह गिराकर उसकी जगह 13 मंजिला आधुनिक इमारत तैयार की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 110 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नई बिल्डिंग में—

  • नीचे के तीन फ्लोर पर दुकानें और ऑफिस
  • ऊपरी मंजिलों पर 3BHK प्रीमियम फ्लैट
  • आधुनिक पार्किंग और हाईटेक सुविधाएं

दुकानदारों को मिलेगा बड़ा फायदा

पुराने दुकानदारों को इस पुनर्विकास योजना में बड़ा लाभ मिलेगा। जिनके पास पहले दुकानें थीं, उन्हें नई बिल्डिंग में 25% अधिक क्षेत्रफल (सवा गुना स्पेस) दिया जाएगा। इससे व्यापारियों को बेहतर और आधुनिक स्थान मिलेगा।

PPP मॉडल खत्म, अब पूरा खर्च LDA उठाएगा

पहले इस परियोजना को PPP मॉडल पर बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह LDA अपने खर्च पर विकसित करेगा। सुरक्षा और जर्जर हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अलीगंज और गोमती नगर में भी बदलाव की तैयारी

कैलाशकुंज के बाद LDA की योजना—

  • अलीगंज सेक्टर-जी कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास
  • गोमती नगर के पुराने उजाला कॉम्प्लेक्स का कायाकल्प

अलीगंज में 14 मंजिला इमारत बनेगी जिसमें—

  • 250 दुकानें
  • 72 प्रीमियम फ्लैट
  • कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल दोनों सुविधाएं

लखनऊ बनेगा आधुनिक शहरी मॉडल

इस पूरे मास्टर प्लान का उद्देश्य लखनऊ को जर्जर भवनों और अव्यवस्थित बाजारों से मुक्त कर एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है। LDA का दावा है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में राजधानी के शहरी पुनर्विकास का मॉडल बनेगी।

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