मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा से योजना शुरू की। यूपी के 10 लाख शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ। पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुआ एमओयू।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के करीब 10 लाख शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों को शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम योगी ने कहा कि दुर्घटना या गंभीर बीमारी जैसी परिस्थितियां कभी भी आ सकती हैं। ऐसे समय में परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में प्रदेश के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत में प्राचीन काल से गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों की परंपरा इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को सोशल मीडिया और एआई के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने की अपील भी की। सीएम ने कहा कि आज के दौर में तकनीक से दूरी नहीं बनाई जा सकती, लेकिन इसका उपयोग समाज और देश के हित में कैसे किया जाए, यह समझाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सही जानकारी के लिए पढ़ने और तथ्य जांचने की आदत को मजबूत करना होगा। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को सही और गलत जानकारी में अंतर समझाएं।




