सेमीकॉन इंडिया 2026 का आगाज, PM मोदी बोले- भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बढ़ रहा वैश्विक विश्वास
SEMICON India 2026 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कमर्शियल प्रोडक्शन की ओर बढ़ चुका है और दुनिया का भरोसा देश पर लगातार बढ़ रहा है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में SEMICON India 2026 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का दौरा किया और इसमें हिस्सा लेने वाली कंपनियों तथा प्रतिभागियों से बातचीत की।
17 से 19 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की बढ़ती भूमिका, नीतिगत दिशा, निवेश, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर केंद्रित है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ रखी गई है।
नीति से कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंचा भारत
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि SEMICON India की यात्रा के दौरान भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगातार बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि जब 2022 में इस कार्यक्रम का पहला संस्करण आयोजित हुआ था, तब चर्चा मुख्य रूप से नीतियों और संभावनाओं पर केंद्रित थी।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इसके बाद चर्चा प्रोजेक्ट्स, समझौतों और आधारशिला रखने तक पहुंची। पिछले वर्ष पायलट लाइनों और टेस्ट चिप्स पर चर्चा हुई, जबकि इस वर्ष भारत में निर्मित चिप्स के कमर्शियल प्रोडक्शन और ग्राहकों तक उनकी पहुंच की बात हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्लांट्स से निकलने वाली चिप्स अब देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचने लगी हैं। प्रधानमंत्री ने दो अन्य प्लांट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की बात भी कही और इससे जुड़े लोगों को बधाई दी।
‘दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ रहा’
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की उपलब्धियों के बीच SEMICON India का आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी की ओर से भारत की सॉवरेन रेटिंग में किए गए अपग्रेड का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है।
उन्होंने हाल में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने इसकी सफल मेजबानी की और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से अपनाया गया। प्रधानमंत्री ने इसे भी भारत के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय भरोसे का उदाहरण बताया।
हाल की उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले कुछ दिनों में भारत में हुई विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के माध्यम से समावेशी वित्त पर हुई चर्चा का जिक्र किया।
उन्होंने लगभग 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने की बात भी कही। प्रधानमंत्री के अनुसार, इससे देश में आवाजाही तेज करने, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को बेहतर बनाने और मैन्युफैक्चरिंग को गति देने में मदद मिलेगी।
पीएम मोदी ने इसी क्रम में भारत की आर्थिक विकास दर का भी उल्लेख किया और कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद देश ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।
विश्वकर्मा जयंती और सेमीकंडक्टर मिशन का कनेक्शन
प्रधानमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को सृजन और निर्माण की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि संयोग से इसी समय देश पारंपरिक निर्माण कौशल और 21वीं सदी की तकनीक को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि एक ओर भारत के पास निर्माण और शिल्प की सदियों पुरानी परंपरा है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक और भविष्य की दृष्टि है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन से जोड़ते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में क्षमता निर्माण भी इसी दिशा का हिस्सा है।
SEMICON 2.0 में चार प्रमुख क्षेत्रों पर जोर
इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने SEMICON India 2026 यानी SEMICON 2.0 की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस चरण में भारत में सेमीकंडक्टर जरूरतों के अनुरूप चिप डिजाइन करने वाले कम से कम 200 स्टार्टअप और कंपनियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने मशीन और मटीरियल क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। मंत्री ने करीब पांच अरब डॉलर के निवेश की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक से जुड़े क्षेत्रों के साथ-साथ एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट्स पर भी जोर दिया जा रहा है। ओडिशा में 3D पैकेजिंग यूनिट के निर्माण का भी उल्लेख किया गया।
12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
कार्यक्रम के दौरान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी उपलब्धियों की समीक्षा भी पेश की जा रही है। सरकार के सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है।
इनमें से पहले चरण में मंजूर की गई तीन यूनिट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की बात कही गई है। इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने SEMICON 2.0 के अगले चरण को भी मंजूरी दी है, जिसे छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया गया है।
400 से अधिक संस्थानों तक पहुंचाए गए डिजाइन टूल
सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन यानी EDA टूल्स को 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स तक पहुंचाए जाने की जानकारी दी गई।
वहीं, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत 24 स्टार्टअप्स को मंजूरी मिलने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य भारत में चिप डिजाइन क्षमता को बढ़ावा देना और घरेलू सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ दिखाएगा पूरी वैल्यू चेन
SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन को प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया है। इसमें कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम तक की प्रक्रिया को दिखाया जाएगा।
‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ वैल्यू चेन अनुभव के माध्यम से प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विभिन्न चरणों की जानकारी मिलेगी। इसका उद्देश्य भारत की बढ़ती तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं को एक साथ प्रदर्शित करना है।
स्टार्टअप और वर्कफोर्स पर भी फोकस
प्रदर्शनी में करीब 40 स्टार्टअप्स को स्टार्टअप पैविलियन के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा वर्कफोर्स डेवलपमेंट पैविलियन माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में प्रतिभा, कौशल विकास और करियर के अवसरों पर केंद्रित होगा।
SEMICON India 2026 में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए निवेश, तकनीकी सहयोग, कारोबारी साझेदारी और सप्लाई चेन से जुड़े अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध कराया गया है। सरकार के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।




