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केंद्र का बड़ा फेरबदल: विनय सक्सेना लद्दाख के LG, तरनजीत संधू दिल्ली के नए उपराज्यपाल

“केंद्र सरकार ने 7 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल बदल दिए हैं। दिल्ली के नए LG तरनजीत सिंह संधू बनाए गए हैं, जबकि विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है।” जानिए पूरा राजनीतिक फेरबदल…

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 7 राज्यों के राज्यपाल और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (LG) बदल दिए हैं। इस फैसले को आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गृह मंत्रालय ने नई नियुक्तियों की अधिसूचना जारी कर दी है।

सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली में हुआ है। दिल्ली के उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनकी जगह अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत Taranjit Singh Sandhu को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। संधू एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं और अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में उनकी भूमिका काफी अहम रही है।

शिव प्रताप शुक्ला – तेलंगाना के राज्यपाल

इसके अलावा कई राज्यों में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। केंद्र सरकार ने Shiv Pratap Shukla को तेलंगाना का नया राज्यपाल बनाया है। वहीं Jishnu Dev Varma को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नागालैंड के राज्यपाल के रूप में Nand Kishore Yadav को जिम्मेदारी दी गई है।

नंदकिशोर यादव – नागालैंड के राज्यपाल
जिष्णु देव वर्मा – महाराष्ट्र के राज्यपाल
कविन्द्र गुप्ता – हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल

बिहार के नए राज्यपाल के रूप में पूर्व सेना अधिकारी और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ Syed Ata Hasnain को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही Kavinder Gupta को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।

 

सैयद अता हसनैन – बिहार के राज्यपाल
कविन्द्र गुप्ता – हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल

वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद पर R. N. Ravi को नियुक्त किया गया है, जबकि Rajendra Vishwanath Arlekar को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है।

आर. एन. रवि – पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर– तमिलनाडु के राज्यपाल

केंद्र सरकार का यह फैसला प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फेरबदल आने वाले समय में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

गौरतलब है कि राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा केंद्र सरकार की सलाह पर की जाती है। ऐसे में इस व्यापक फेरबदल को केंद्र की नई प्रशासनिक प्राथमिकताओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

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