रामजन्मभूमि परिसर में जलेंगे एक लाख दीये, देसी घी से जगमगाएंगे रामलला के गर्भगृह
रामजन्मभूमि परिसर में दीपावली पर एक लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। रामलला सहित सभी गर्भगृहों में गोबर के दीयों में देसी घी से रोशनी होगी। सीएम योगी करेंगे शुभारंभ।
अयोध्या। दीपावली पर रामनगरी अयोध्या में भव्य सजावट की तैयारियां की जा रही हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के धाम को दीपों की रोशनी से जगमगाने की योजना बनाई है। इसके तहत करीब 100 एकड़ में फैले रामजन्मभूमि परिसर में एक लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। परिसर को फूलों, रंगीन झालरों, फसाड लाइट और हैलोजन से भी सजाया जाएगा।
दीपोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के सम्मुख पहला दीप प्रज्ज्वलित करके करेंगे। इस अवसर पर रामलला सहित परिसर के सभी देवी-देवताओं के गर्भगृहों में गोबर से बने दीयों को देसी घी से रोशन किया जाएगा। आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गर्भगृहों में गोबर के दीयों से होगी रोशनी
इस बार दीपोत्सव में पारंपरिक दीपों पर विशेष जोर दिया गया है। रामलला के गर्भगृह के साथ परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के गर्भगृहों में भी गोबर से बने दीये जलाए जाएंगे। इनमें देसी घी का इस्तेमाल किया जाएगा।
ट्रस्ट ने दीप प्रज्ज्वलन के दौरान मंदिर परिसर के किसी भी प्रकल्प को नुकसान न पहुंचे, इसका भी ध्यान रखा है। इसी वजह से मिट्टी के अलावा मोम और गोबर से बने दीये भी मंगाए गए हैं। दीपों को व्यवस्थित तरीके से रखने और जलाने के लिए परिसर को पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
अंगद टीला से सुग्रीव किले तक रोशनी की तैयारी
इस बार रामजन्मभूमि परिसर के उन हिस्सों को भी दीपों से सजाया जाएगा, जो पहले दीपोत्सव की सजावट में शामिल नहीं रहे हैं। अंगद टीला, सुग्रीव किला और कुबेर टीला सहित परिसर के प्रत्येक कोने को प्रकाशमान करने की तैयारी है।
राम मंदिर के साथ परकोटे के छह पूरक मंदिरों को फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। इनमें दुर्गा, अन्नपूर्णा, गणेश, शंकर, सूर्य और हनुमान मंदिर शामिल हैं। वहीं परकोटे के बाहर स्थित शेषावतार मंदिर, सप्तर्षि मंदिर, कुबेर टीला, वैकल्पिक गर्भगृह, हुतात्मा स्मारक, यात्री सुविधा केंद्र और तुलसीदास मंदिर सहित अन्य स्थानों पर दीये, रंगीन झालरें और हैलोजन लगाए जा रहे हैं।
प्रवेश द्वारों पर फूलों और वंदनवार से होगा स्वागत
रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को रामजन्मभूमि पथ से ही परिसर की भव्य सजावट दिखाई देने लगेगी। ट्रस्ट की ओर से सभी प्रवेश द्वारों को फूलों और वंदनवार से सजाया जा रहा है। इसके लिए प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों तरह के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मंदिरों के प्रांगण, सिंह द्वार, परकोटे और सभी मंडपों में आकर्षक रंगोलियां भी बनाई जाएंगी। फूलों की सजावट, रंगीन रोशनी और दीपों का संयोजन परिसर को उत्सवमय स्वरूप देगा।
पांच जोन में बांटी गई जिम्मेदारी, ट्रस्ट के अधिकारी कर रहे निगरानी
दीपोत्सव की तैयारियों को व्यवस्थित करने के लिए पूरे परिसर को पांच जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन के लिए अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी दीयों को निर्धारित स्थानों पर सजाने से लेकर उन्हें प्रज्ज्वलित कराने तक की होगी।
समस्त तैयारियों की निगरानी ट्रस्टियों के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र कर रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के भी जल्द अयोध्या पहुंचने की संभावना है।
दीपोत्सव के दसवें संस्करण में परिसर के सभी प्रकल्प होंगे शामिल
रामजन्मभूमि परिसर में इस बार दीपोत्सव की सजावट का दायरा पहले से अधिक व्यापक रखा गया है। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण के कार्य पूरे होने के बाद अब परिसर के सभी प्रकल्पों को प्रकाश से सजाने की तैयारी की गई है।
दीपोत्सव के दसवें संस्करण में राम मंदिर के साथ परकोटे के मंदिरों, अन्य धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े स्थानों को भी रोशन किया जाएगा। एक लाख से अधिक दीयों की जगमगाहट और पारंपरिक सजावट के बीच अयोध्या में दीपावली का उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।



