‘अब यूपी में सब चंगा है’, विकास और कानून व्यवस्था पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में 574 करोड़ रुपये की 57 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। जनसभा में उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास, रिंग रोड, किसानों के मुआवजे और छात्रावास निर्माण को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “2017 से पहले प्रदेश में हर जिले में दंगे होते थे, हर थाने में माफिया और हर जिले में सिंडिकेट का राज था। आज उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा है… अब सब चंगा है।”
मुख्यमंत्री ने नुमाइश ग्राउंड में आयोजित जनसभा में 574 करोड़ रुपये की लागत वाली 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
574 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आधारभूत ढांचे के विकास पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
किसानों के लिए बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित किसानों की भूमि के मुआवजे में बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके साथ ही बुलंदशहर शहर के लिए रिंग रोड निर्माण को भी मंजूरी देने का ऐलान किया।
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बनेगा छात्रावास
मुख्यमंत्री ने शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने छात्राओं के प्रवेश की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से रज्जू भैया की माताजी के नाम पर छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा, ताकि छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके।
2017 से पहले और अब की तुलना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और उद्योग-धंधे प्रभावित होते थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सामाजिक समरसता और विकसित भारत का आह्वान
मुख्यमंत्री ने लोगों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, भाषा, क्षेत्र और छुआछूत से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चौथे सरसंघचालक रज्जू भैया के योगदान का भी उल्लेख किया।



