राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, अयोध्या में बड़ा भूचाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। SIT जांच और FIR दर्ज होने के बाद यह कदम उठाया गया। अयोध्या में दान प्रबंधन और ट्रस्ट संचालन पर गंभीर सवाल उठे हैं।
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब एक बड़े प्रशासनिक और नैतिक संकट में बदल गया है। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में गुरुवार को दर्ज हुई FIR के बाद शुक्रवार को बड़ा फैसला सामने आया।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उस समय आया जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्रारंभिक जांच में दान पेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई।
सूत्रों के अनुसार, FIR में ट्रस्ट से जुड़े ड्राइवर टिन्नू यादव समेत कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। यह शिकायत ट्रस्ट के ही सदस्य कृष्ण मोहन द्वारा दर्ज कराई गई, जिन्हें पूर्व ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद ट्रस्ट में शामिल किया गया था।
दिल्ली में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने भी दोनों इस्तीफों की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर अयोध्या सहित पूरे प्रदेश में चर्चा तेज है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों का कहना है कि जब तक उच्च पदों पर बैठे लोग पद पर बने रहेंगे, निष्पक्ष जांच पर सवाल उठते रहेंगे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की टाइमलाइन
🔹 प्रारंभिक शिकायतट्रस्ट में चढ़ावे के प्रबंधन और हिसाब-किताब में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।
🔹 SIT जांच शुरू
योगी सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की।
🔹 प्रारंभिक रिपोर्ट
SIT की रिपोर्ट में दान प्रबंधन, निगरानी और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले।
🔹 FIR दर्ज (गुरुवार)
ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें टिन्नू यादव सहित अन्य आरोपी नामजद किए गए।
🔹 इस्तीफे (शुक्रवार)
महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
🔹 आगे की जांच
मामले की जांच अभी जारी है और दान राशि के पूरे ऑडिट की संभावना जताई जा रही है।



