ट्रंप की धमकी के बाद ईरान की सख्त चेतावनी, संसद में लगे ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे
“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने सैन्य हमला किया तो इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकाने ईरान के लिए वैध निशाना होंगे। संसद में ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे भी लगे।”
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त बयानबाज़ी के बाद ईरान ने भी खुली चेतावनी जारी की है। ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने कहा है कि यदि अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया, तो इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ईरान के लिए वैध लक्ष्य होंगे।
घालीबाफ ने संसद में दिए बयान में साफ कहा कि अमेरिका की किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब केवल बाद में दी जाने वाली प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ईरान आत्मरक्षा के अधिकार के तहत पहले से कार्रवाई करने का विकल्प भी रखता है।
संसद में हंगामा, ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे
एसोसिएटेड प्रेस (AP) और ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान संसद के एक हंगामेदार सत्र के दौरान दिया गया। इस दौरान कई सांसद मंच के पास पहुंच गए और ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगाए। संसद के इस सत्र के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, हालांकि उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिका को गलतफहमी में न रहने की चेतावनी
घालीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगी किसी भी प्रकार की गलतफहमी में न रहें। उन्होंने दोहराया कि
“अगर ईरान पर हमला हुआ, तो इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डे, जहाज और क्षेत्र में मौजूद सभी ठिकाने वैध लक्ष्य होंगे।”
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं। तेहरान, मशहद समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शन जारी हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों से जुड़े हिंसक घटनाक्रम में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2600 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इंटरनेट और फोन सेवाएं बाधित होने के कारण जमीनी हालात की पूरी जानकारी मिलना कठिन बना हुआ है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी और सैन्य विकल्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा आज़ादी के करीब है और अमेरिका मदद को तैयार है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमले के विकल्प भी दिखाए गए हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग और सेना ने भी बयान जारी कर कहा है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सेनाएं अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


