अरुणाचल में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, पाक-चीन कनेक्शन से मचा हड़कंप
“अरुणाचल में जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने 10 दिनों में 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो सेना की संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर्स तक भेज रहे थे। चीन कनेक्शन की भी जांच।”
हाइलाइट्स :
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अरुणाचल प्रदेश में जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश
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10 दिनों में 4 संदिग्ध गिरफ्तार
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सेना की गतिविधियों की सूचना पाकिस्तान तक भेजने का आरोप
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शुरुआती जांच में चीन कनेक्शन के संकेत
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सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया ‘हाइब्रिड वॉर’ की रणनीति
अरुणाचल में जासूसी नेटवर्क का खुलासा होने से देश की सुरक्षा एजेंसियों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। अरुणाचल प्रदेश में पिछले 10 दिनों के भीतर 4 संदिग्धों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित जासूसी नेटवर्क सामने आया है, जिसके तार पाकिस्तान और चीन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी भारतीय सेना की गतिविधियों, तैनाती और अन्य संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक भेज रहे थे। यह जानकारी डिजिटल माध्यमों और कोडेड कम्युनिकेशन के जरिए साझा की जा रही थी।
चीन कनेक्शन की भी जांच
प्रारंभिक जांच में इस जासूसी नेटवर्क के चीन से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। एजेंसियों को शक है कि सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय यह नेटवर्क केवल जासूसी तक सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव बनाने का भी हिस्सा हो सकता है।
हाइब्रिड वॉर की रणनीति
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ‘हाइब्रिड वॉर’ की रणनीति का उदाहरण हो सकता है, जिसमें जासूसी, सीमावर्ती घुसपैठ, और सैन्य दबाव को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में इस तरह की गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं।
फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।



