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FDTL में ढील: DGCA का यू-टर्न, इंडिगो के पायलट संकट पर राहत

FDTL आदेश वापस लेने के DGCA के फैसले से इंडिगो को बड़ी राहत मिली है। FDTL नियमों के तहत पायलटों को प्रति सप्ताह 48 घंटे आराम और रात में सीमित लैंडिंग की शर्त लागू थी। DGCA के इस बदलाव से इंडिगो के क्रू संकट को राहत मिलने की उम्मीद है।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के जारी संचालन संकट के बीच DGCA ने एक बड़ा कदम उठाते हुए Flight Duty Time Limit (FDTL) संबंधी आदेश वापस ले लिया है। DGCA का यह फैसला सीधे तौर पर इंडिगो के क्रू संकट को राहत देने वाला माना जा रहा है।

क्यों लागू हुआ था FDTL नियम?

FDTL नियम पायलटों की सुरक्षा, आराम और विमानन मानकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जारी किए गए थे। इन नियमों के तहत—

  • पायलट को सप्ताह में कम से कम 48 घंटे का आराम अनिवार्य था।
  • रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कुल दो लैंडिंग की अनुमति दी गई थी।

इंडिगो को क्यों हुई सबसे ज्यादा परेशानी?

इंडिगो ने DGCA को बताया था कि नए FDTL नियमों के कारण उसे—

  • पायलटों
  • और केबिन क्रू

की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिसका असर विभिन्न रूट्स पर फ्लाइट संचालन पर पड़ रहा था। दूसरी एयरलाइंस पर इसका प्रभाव न्यूनतम बताया गया।

DGCA की वापसी का क्या मतलब है?

DGCA द्वारा FDTL आदेश वापस लेने का सीधा अर्थ है कि—

  • पिछले मानक फिर से लागू होंगे,
  • पायलट ड्यूटी शेड्यूलिंग में अधिक लचीलापन मिलेगा,
  • इंडिगो अपनी फ्लाइट्स को कम रद्द किए बिना सुचारू रूप से चला सकेगी।

एविएशन सेक्टर के लिए संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि DGCA द्वारा आदेश वापस लेने का निर्णय मौजूदा क्रू संकट और त्योहारी सीजन से पहले परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

DGCA के इस कदम से इंडिगो को तात्कालिक राहत मिलेगी। पायलटों की उपलब्धता बढ़ेगी और फ़्लाइट संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। “देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘आज का सफर’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।” विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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