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पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को वाराणसी कोर्ट से बड़ी राहत, मिली जमानत

वाराणसी में दर्ज मामले में आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को जिला जज की अदालत से जमानत मिली। बचाव पक्ष ने मुकदमे को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताया।

लखनऊ।  पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर जमानत मामले में वाराणसी जिला जज की अदालत ने शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को वाराणसी में दर्ज एक आपराधिक मामले में जमानत मिल गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी के अनुसार, सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव ने दलील दी कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ दर्ज मुकदमा राजनीतिक विद्वेष और शासन-प्रशासन के दबाव में कराया गया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट किसी की मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं थी।

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि अमिताभ ठाकुर ने एक सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक के रूप में कफ सीरप प्रकरण से जुड़े तथ्यों की विधिसम्मत जांच की मांग की थी, जिसे सम्मानजनक भाषा में प्रस्तुत किया गया था।

वहीं अभियोजन और वादी पक्ष की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपित के खिलाफ करीब दस मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट भी तैयार की जा चुकी है। इसके बावजूद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को जमानत दे दी।

गौरतलब है कि वाराणसी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं बीडीए के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला ने बीते नौ दिसंबर को चौक थाने में अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर कफ सीरप प्रकरण में बिना साक्ष्य संलिप्तता का आरोप लगाया।

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