यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस 200 से ज्यादा सीटों पर तैयारी में जुटी, प्रियंका गांधी की बैठक में गठबंधन पर भी मंथन
यूपी चुनाव 2027 कांग्रेस की तैयारी तेज हो गई है। प्रियंका गांधी की बैठक में 200 से अधिक सीटों पर तैयारी, सपा से गठबंधन और दिल्ली रैली में 25 हजार कार्यकर्ताओं की भागीदारी पर चर्चा हुई।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने राज्य में 200 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की है। इस संबंध में सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में संभावित मजबूत सीटों की पहचान, संगठन के विस्तार और समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक से जुड़े पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस फिलहाल 200 से अधिक सीटों पर अपनी तैयारी मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी। हालांकि, गठबंधन का विकल्प बंद नहीं किया गया है। सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा। ऐसे में यूपी चुनाव 2027 कांग्रेस की रणनीति में सीटों की तैयारी और गठबंधन की संभावनाएं दोनों अहम मानी जा रही हैं।
प्रियंका गांधी की बैठक में सीटों को लेकर बनी रणनीति
दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक में उन विधानसभा सीटों पर चर्चा की गई, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत मानती है और चुनाव जीतने की संभावना देख रही है।
पार्टी नेताओं ने संभावित प्राथमिकता वाली सीटों की सूची तैयार करने की रणनीति पर भी विचार किया। इसके साथ ही प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार करने पर मंथन हुआ।
कांग्रेस की रणनीति फिलहाल ज्यादा सीटों पर चुनावी तैयारी करने की है, ताकि भविष्य में गठबंधन को लेकर बातचीत होने पर पार्टी अपनी स्थिति और दावेदारी मजबूती से रख सके।
सपा के साथ गठबंधन पर अभी अंतिम फैसला नहीं
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। खबर के मुताबिक, सपा की ओर से कांग्रेस को लगभग 50 से 55 सीटें दिए जाने की संभावना की चर्चा सामने आई है। हालांकि, इसे दोनों दलों के बीच हुआ अंतिम समझौता नहीं माना जा सकता।
प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम पहले भी गठबंधन में बराबरी और सम्मानजनक हिस्सेदारी की बात उठा चुके हैं। कांग्रेस की ओर से अधिक सीटों पर तैयारी करने के फैसले को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
फिलहाल पार्टी की ओर से 200 से अधिक सीटों पर तैयारी की बात सामने आई है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कांग्रेस गठबंधन नहीं करेगी या सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। सीटों के बंटवारे और गठबंधन पर अंतिम स्थिति दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगी।
संभावित मजबूत सीटों की पहचान पर जोर
कांग्रेस की बैठक में उन सीटों पर विशेष चर्चा हुई, जहां पार्टी को चुनावी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। पार्टी की रणनीति के तहत स्थानीय राजनीतिक समीकरण, संगठन की स्थिति और चुनाव जीतने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर प्राथमिकता वाली सीटों की सूची तैयार की जाएगी।
इसके साथ ही प्रदेश संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया गया। कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाए और पार्टी की मौजूदगी को अधिक विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत किया जाए।
दिल्ली रैली में यूपी से 25 हजार कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य
कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के लिए उत्तर प्रदेश से 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। खबर के मुताबिक, यह रैली वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े मुद्दों पर आयोजित की जानी है। ये कांग्रेस की ओर से उठाए गए राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।
प्रियंका गांधी की बैठक में प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल कराने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि रैली के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए और प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक माहौल तैयार किया जाए।
रैली के बाद उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने और संगठन में बदलाव की संभावनाओं पर भी काम किए जाने की बात कही गई है।
कांग्रेस के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने और गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी हासिल करने की चुनौती है। एक ओर पार्टी अधिक सीटों पर चुनावी तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर सपा के साथ संभावित सीट बंटवारे पर भी नजर बनाए हुए है।
ऐसे में आने वाले समय में कांग्रेस की प्राथमिकता वाली सीटों की सूची, संगठनात्मक बदलाव और गठबंधन को लेकर होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल 200 से अधिक सीटों पर तैयारी का संकेत पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है; सीटों की अंतिम संख्या और गठबंधन का स्वरूप आगे के फैसलों से स्पष्ट होगा।


