दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर CM Yogi ने किया नमन, उनके विचारों को बताया विकास का प्रेरणास्रोत
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की; उनके चिंतन को समावेशी, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।
लखनऊ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके विचारों, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
सीएम योगी ने पं. दीनदयाल को किया नमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय को ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ का प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया।
सीएम योगी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचार भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े थे। उनके चिंतन में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को प्राथमिकता दी गई।
‘अंत्योदय’ को बताया विकास की आधारभूत सोच
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा में अंत्योदय को महत्वपूर्ण बताया। अंत्योदय का मूल भाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाना है।
सीएम योगी के अनुसार, पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय परिस्थितियों और जीवन मूल्यों को ध्यान में रखते हुए विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के सभी वर्गों के उत्थान पर जोर दिया गया।
‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के विचार को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन के मूल्यों पर आधारित था।
सीएम योगी ने उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि यह चिंतन समावेशी, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
110वीं जयंती पर देशभर में स्मरण
पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर देशभर में उनके जीवन, विचार और योगदान को याद किया जा रहा है। भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के साथ उनके द्वारा प्रतिपादित अंत्योदय और एकात्म मानववाद की अवधारणाओं पर विभिन्न कार्यक्रमों में चर्चा की जा रही है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान भी इन्हीं विचारों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।




