राजभर का अखिलेश पर हमला तेज, बोले- राम मंदिर की व्यवस्था की जानकारी तक नहीं, सपा भी टूटेगी
अंबेडकरनगर में बोले सुभासपा अध्यक्ष- राम मंदिर मामले में सरकार का नहीं, ट्रस्ट का अधिकार; शिवपाल को जहूराबाद से चुनाव लड़ने की दी चुनौती
अंबेडकरनगर में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर राम मंदिर, सपा में संभावित टूट, शिवपाल यादव और लालजी वर्मा को लेकर बड़ा हमला बोला। जानिए यूपी की ताजा राजनीतिक खबर।
अंबेडकरनगर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख को राम मंदिर की व्यवस्थाओं और उसके संचालन की मूलभूत जानकारी तक नहीं है।
शनिवार को अंबेडकरनगर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने काफी समय हो चुका है, लेकिन अखिलेश यादव आज तक दर्शन करने नहीं गए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का संचालन किसी सरकारी विभाग द्वारा नहीं बल्कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। यदि ट्रस्ट की ओर से किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत की गई है तो उसकी जांच के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया है।
राजभर ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्य जाने केवल राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
सपा पर फिर लगाया टूट का दावा
समाजवादी पार्टी में संभावित टूट को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर अपने पुराने दावे पर कायम दिखे। उन्होंने कहा कि जिस तरह कभी किसी को तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के टूटने की उम्मीद नहीं थी, उसी तरह समाजवादी पार्टी में भी बड़ी टूट हो सकती है। उन्होंने कहा कि समय आने पर यह सबके सामने दिखाई देगा।
राजभर ने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सबसे अधिक धोखा देने वाली राजनीतिक पार्टी है और इसके भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
लालजी वर्मा को बताया दलबदलू
अंबेडकरनगर से समाजवादी पार्टी के सांसद लालजी वर्मा द्वारा उन्हें “गालीबाज नेता” कहे जाने पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि लालजी वर्मा खुद दलबदल की राजनीति करने वाले नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि अवसर मिलने पर वह भाजपा में भी जा सकते हैं।
शिवपाल को दी खुली चुनौती
सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव के उस बयान पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें शिवपाल ने कहा था कि राजभर जहां से चुनाव लड़ेंगे, वह भी वहीं से चुनाव लड़ेंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि यदि उनमें राजनीतिक दम है तो वे गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट पर आकर चुनाव लड़कर दिखाएं।
राजभर ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब शिवपाल सिंह यादव को समाजवादी पार्टी में मंच से अपमानित कर बाहर किया गया था। आज भी पार्टी में उन्हें सम्मानजनक नजर से नहीं देखा जाता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आगामी चुनाव में सपा के दो “दगे कारतूस” मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
सियासी बयानबाजी से गरमाया माहौल
अयोध्या के राम मंदिर, सपा में संभावित टूट और नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। एक ओर राजभर लगातार समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष और टूट का दावा कर रहे हैं, वहीं सपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।



